केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि अब दुनिया में आतंकवाद का तरीका बदल रहा है और आतंकवादी तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में हमें भी पहले से तैयारी और टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल करना होगा। शाह ने नई दिल्ली में आयोजित एंटी-टेररिज्म कॉन्फ्रेंस-2025 के उद्घाटन कार्यक्रम में दो अहम डेटाबेस और क्राइम मैनुअल लॉन्च किए। इन्हें नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने तैयार किया है और इसका इस्तेमाल देशभर की जांच और सुरक्षा एजेंसियां करेंगी। भविष्य की छिपी चुनौतियों को समझना और उन्हें रोकना इस सम्मेलन की राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी राज्यों के पुलिस प्रमुखों से कहा कि वे अपनी टीम बनाकर इस मैनुअल को जांच और केस चलाने के लिए जरूर पढ़वाएं और समझवाएं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए टेक्नोलॉजी और इंफॉर्मेशन शेयर करना सबसे अहम हथियार होगा। उन्होंने कहा कि ये डेटाबेस सरकार की जीरो टेरर पॉलिसी को मजबूत करेंगे। संगठित अपराध और आतंकवाद एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। कई बार अपराधी पहले फिरौती और वसूली करते हैं लेकिन जब वे देश से बाहर चले जाते हैं, तो आतंकी संगठनों से जुड़ जाते हैं और अपराध से मिले पैसे से देश में आतंकी गतिविधियां फैलाते हैं। शाह की स्पीच की 5 बड़ी बातें… ————————————- ये खबर भी पढ़ें… शाह बोले- पाकिस्तानी वोटर ID-चॉकलेट से हुई पहलगाम के आतंकियों की पहचान, 3 महीने ट्रैक किया, फिर घेरकर मारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 29 जुलाई को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर 1 घंटा 14 मिनट बोले। उन्होंने भाषण की शुरुआत में पहलगाम हमले के आतंकियों के मारे जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन आतंकियों ने बायसरन घाटी में हमारे 26 पर्यटकों को मारा, उन्हें 28 जुलाई को ऑपरेशन महादेव में ढेर कर दिया गया। इन आतंकियों के नाम सुलेमान, अफगान और जिब्रान हैं। पूरी खबर पढ़ें…
शाह बोले- आतंकवाद का तरीका बदल रहा:इससे निपटने के लिए टेक्नोलॉजी का बेहतर इस्तेमाल जरूरी; NIA ने नए डेटाबेस और क्राइम मैनुअल लॉन्च किए
