गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी यूपी के सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में पेश हुए। वकील के मुताबिक, राहुल ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया। कहा- यह केस राजनीतिक दुर्भावना के तहत दर्ज कराया गया है। इसमें कोई ठोस आधार नहीं है। राहुल करीब 20 मिनट तक कोर्ट में रहे और अपना बयान दर्ज कराया। मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी। कोर्ट में मौजूद वकीलों के मुताबिक, कोर्ट में पहुंचने पर राहुल गांधी ने जज को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। सुनवाई के बाद भी उन्होंने जज को धन्यवाद कहा। अब वह रामचेत मोची की दुकान पर रवाना हो गए, जहां वह उनके परिवार से मुलाकात करेंगे। रामचेत की तीन महीने पहले कैंसर से मौत हो गई थी। रामचेत वही मोची थे, जिनकी दुकान पर एक साल पहले राहुल गांधी ने जूते सिले थे। राहुल ने रामचेत को सिलाई मशीन भेजी थी। राहुल सुबह 9 बजे दिल्ली से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। करीब साढ़े 10 बजे राहुल कोर्ट पहुंचते तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘राहुल जिंदाबाद’ के नारे लगाए। माला पहनाने की कोशिश की, लेकिन राहुल ने मना कर दिया। इसके बाद वह मुस्कुराते हुए कोर्ट के अंदर चले गए। मामला 8 साल पुराना। आरोप है कि राहुल ने 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान अमित शाह को लेकर कथित अपमानजनक टिप्पणी की थी। राहुल ने तब कहा था कि जो पार्टी ईमानदारी की बात करती है, उसका अध्यक्ष हत्या का आरोपी है। इस बयान के बाद सुल्तानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। सुल्तानपुर कोर्ट ने 19 जनवरी को राहुल को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था। कोर्ट ने नेता प्रतिपक्ष के वकील काशी शुक्ला को चेतावनी देते हुए कहा था कि यह आखिरी मौका है, इसके बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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शाह मानहानि केस-राहुल गांधी ने कोर्ट में बयान दर्ज कराए:सुल्तानपुर कोर्ट में 9 मार्च को होगी सुनवाई; अब रामचेत मोची के परिवार से मिलेंगे
