कार्यक्रम में टीम ने चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ व अस्पताल में मौजूद लोगों को भूकंप की स्थिति में सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। मॉक अभ्यास के दौरान अस्पताल की इमारत का हिस्सा ढहने, मरीजों के फंसने और आग लगने की काल्पनिक स्थिति को चित्रित किया गया।
निरीक्षक संजीव कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एनडीआरएफ टीम ने मौके पर पहुंचकर ऑपरेशन बेस, मेडिकल पोस्ट और कमांड पोस्ट स्थापित किए। आधुनिक उपकरणों व रस्सी बचाव तकनीक से फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया तथा प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया।
ड्रिल में होमगार्ड, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा, आपदा मित्र, अस्पताल कर्मचारी, स्थानीय नागरिक और मीडिया प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रशासन और अन्य विभागीय अधिकारियों ने एनडीआरएफ दल के पेशेवर बचाव कौशल की सराहना की। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर विजय सेन सहित जिले के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
