सबसे पहले आग पूर्व पालिका अध्यक्ष भंवरलाल चोरडिया के कॉम्प्लेक्स के नीचे बनी दुकानों में लगी और कुछ ही देर में पास की साड़ी दुकान, टेलर शॉप, गारमेंट्स शोरूम तथा अन्य करीब 12 दुकानों तक फैल गई। आग की लपटें इतनी तीव्र थीं कि परिसर में खड़ी एक इलेक्ट्रॉनिक कार पूरी तरह जलकर राख हो गई। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आसपास के रहवासी अपने घरों से बाहर निकल आए और बाजार में अफरा-तफरी मच गई।
व्यापारियों के मुताबिक आग से सबसे ज्यादा नुकसान दरबार गारमेंट्स में हुआ है। शुरुआती अनुमान के अनुसार इस दुकान में लगभग 50 से 60 लाख रुपये तक का माल जलकर नष्ट हो गया। वहीं अन्य दुकानों में भी लाखों कीमत के कपड़े, सिलाई मशीनें, वस्त्र सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक्स का सामान पल भर में राख में बदल गया। कई परिवारों की रोजी-रोटी से जुड़ी दुकानों के जलने से उनमें गहरा आघात और आर्थिक संकट की स्थिति बन गई है।
घटना की सूचना मिलते ही आसींद नगर पालिका अध्यक्ष देवीलाल साहू, उपाध्यक्ष ओमप्रकाश सोलंकी, थाना अधिकारी हंसपाल सिंह पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। नगरपालिका की दमकल टीम तुरंत सक्रिय हुई और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया जा सका। आग बुझने के बाद जब व्यापारी और स्थानीय लोग दुकानों में पहुंचे तो हर ओर सिर्फ राख, जली हुई मशीनें और टूटे शटर नजर आए। दुकान मालिकों की आंखों में आंसू थे और वे अपने नुकसान का अंदाजा लगाने तक की स्थिति में नहीं थे।
नगरवासियों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों ने मांग की है कि घटना को अंजाम देने वाले शरारती तत्व को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि बाजार और व्यापारियों में दोबारा सुरक्षा की भावना पैदा हो सके। थाना अधिकारी हंसपाल सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध युवक की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं और आसपास के क्षेत्रों में तलाश जारी है। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। इस आगजनी की घटना ने न केवल व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान पहुँचाया है, बल्कि पूरे आसींद क्षेत्र में असुरक्षा और चिंता का वातावरण बना दिया है।
