राष्ट्र निर्माण में पूर्व सैनिकों का योगदान विषय पर सेमिनार आयोजित

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जन संपर्क अधिकारी (रक्षा) राजस्थान के ले कर्नल निखिल धवन के अनुसार इस कार्यक्रम में तीन प्रसिद्ध पूर्व सैनिक वक्ताओं – मेजर जनरल आलोक राज गोयल, ब्रिगेडियर के. बिरेन्द्र सिंह और ब्रिगेडियर करण सिंह राठौर ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने एक मजबूत और सुरक्षित भारत के निर्माण में पूर्व सैनिकों की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे नागरिक-सैन्य एजेंसियों के बीच तालमेल स्थापित करने, अर्धसैनिक बलों के प्रशिक्षण, विशेषकर उग्रवाद-रोधी व आतंकवाद-रोधी परिस्थितियों में, तथा आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में अपनी विशेषज्ञता के माध्यम से अमूल्य योगदान दे सकते हैं। साथ ही उन्होंने इस बात पर बल दिया कि पूर्व सैनिक अपनी विविध व्यावसायिक क्षमताओं व कौशल का उपयोग राष्ट्रीय विकास पहलों को गति देने में कर सकते हैं। वक्ताओं ने इस दिशा में सरकारी पहलों और सहयोगात्मक प्रयासों को भी महत्त्वपूर्ण बताया।

समापन सत्र में सप्त शक्ति कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने सभी रैंकों से कर्तव्य के प्रति अपनी निष्ठा में दृढ़ रहने, भारतीय सशस्त्र बलों की गौरवशाली परंपराओं को बनाए रखने और प्रतिबद्धता के साथ राष्ट्र की सेवा करते रहने का आग्रह किया। उन्होंने पूर्व सैनिकों के संगठित पुनर्कौशलीकरण के महत्व पर भी ज़ोर दिया, ताकि वे राष्ट्रीय आपदाओं, अग्नि आपदाओं और आकस्मिक परिस्थितियों में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें। आर्मी कमांडर ने कहा कि कमान और कोर मुख्यालय ऐसी पहलों का नेतृत्व कर सकते हैं, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि पूर्व सैनिकों के विशाल अनुभव और विशेषज्ञता का उपयोग समाज की भलाई के लिए किया जा सके।

सेमिनार ने इस तथ्य को रेखांकित किया कि पूर्व सैनिक अपने अनुभव और विशेषज्ञता के माध्यम से भारत की सुरक्षा और विकास में सतत् योगदान देते हुए देश की प्रगति के स्तंभ बने हुए हैं।