सैलजा की करीबी MLA का हुड्डा पर हमला:बोलीं-इनके कारण हरियाणा में सत्ता से चूके; कांग्रेस की बजाय खुद की सरकार चाहते थे

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हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर जारी सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में यमुनानगर के सढौरा से कांग्रेस विधायक रेनू बाला ने सामने आकर अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। जगाधरी रेस्ट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कांग्रेस पार्टी के पक्ष में ही मतदान किया है। उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। रेनू बाला ने कहा कि कांग्रेस विधायकों के नाम क्रॉस वोटिंग के मामले में बिना किसी आधार के उछाले जा रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि वह इन आरोपों का स्पष्ट रूप से खंडन करती हैं और पार्टी के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। सभी विधायक एक साथ लौटे, फिर आरोप लगाने का क्या औचित्य उन्होंने पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 13 मार्च को भूपेंद्र सिंह हुड्डा के चंडीगढ़ स्थित निवास से सभी कांग्रेस विधायक एक साथ एकत्रित हुए थे। वहां से सभी को एक साथ निर्धारित स्थान पर ले जाया गया और सभी विधायक साथ ही वापस लौटे। ऐसे में यह सवाल उठता है कि जब सभी विधायक एक साथ थे तो उनके ऊपर क्रॉस वोटिंग का आरोप लगाने का क्या औचित्य है। रेनू बाला ने आगे बताया कि 16 मार्च को मतदान के दिन भी सभी विधायक एक साथ मतदान के लिए गए थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने उम्मीदवार के पक्ष में वोट डाला और मतदान प्रक्रिया के दौरान पूरी पारदर्शिता बरती। उन्होंने अपना वोट ऑब्जर्वर को दिखाया, जिस पर ऑब्जर्वर ने ‘ओके’ कहकर उन्हें वोट सही तरीके से फोल्ड कर डालने के निर्देश दिए। भूपेंद्र हुड्‌डा पर साधा निशाना उन्होंने कहा कि उनके नाम को जानबूझकर राजनीतिक कारणों से उछाला जा रहा है। पहले 13 विधायकों के भाजपा के संपर्क में होने की बात कही गई, फिर यह संख्या 9 बताई गई। उसके बाद 5 नाम सामने आए और अब 4 विधायकों के नाम लिए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर 5वां नाम कहां गायब हो गया। रेनू बाला ने इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि इसके पीछे कौन लोग हैं, यह सभी जानते हैं। उन्होंने इशारों-इशारों में भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग हरियाणा की राजनीति को अपने हाथ में लेना चाहते हैं और विधायकों को अपने पीछे लगाकर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। मतदान के बाद सीधा घर आई थीं उन्होंने कहा कि वह जनता के लिए काम कर रही हैं, लेकिन कुछ लोग चाहते हैं कि नेता उनके इर्द-गिर्द घूमकर चापलूसी करें। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में कुछ चापलूस लोगों के नाम छिपाए जा रहे हैं और उन्हें सामने नहीं लाया जा रहा। भाजपा में जाने की अटकलों को लेकर रेनू बाला ने साफ किया कि वह पूरी तरह कांग्रेस के साथ हैं। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी उन्हें कोई नोटिस भेजती है तो वह उसका जवाब देंगी। वहीं, वोट डालने के बाद सीएम हाउस जाने के आरोपों को भी उन्होंने खारिज करते हुए कहा कि यदि कोई ऐसा आरोप लगाता है तो उसका सबूत भी पेश करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह मतदान के बाद सीधे अपने घर गई थीं। दीपेंद्र हुड्डा पर बसपा केंडिडेट को समर्थन देरे का आरोप दीपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा विधायकों को गद्दार कहे जाने पर रेनू बाला ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे आरोप लगाने से पहले उन्हें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ अलग से उम्मीदवार खड़ा किया गया था। इतना ही नहीं, क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को फोन कर बसपा उम्मीदवार को समर्थन देने के लिए भी कहा गया। रेनू बाला ने कहा कि अगर पार्टी ने एक उम्मीदवार को टिकट दिया है तो किसी अन्य उम्मीदवार का समर्थन करना अनुशासनहीनता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी तरह की राजनीतिक रणनीतियों के कारण कांग्रेस की सरकार बनते-बनते रह गई। नेता जमीनी स्तर पर काम करने वालों को करत हैं नजरअंदाज उन्होंने यह भी कहा कि सढौरा में बसपा उम्मीदवार खुद लोगों से कह रहा था कि दीपेंद्र हुड्डा उनके समर्थन में फोन कर रहे हैं। ऐसे हालात में ही उन्हें चुनाव प्रचार के लिए बुलाया गया था। अंत में रेनू बाला ने कहा कि पार्टी में कुछ ऐसे लोग हैं जो चापलूसी करने वालों को महत्व देते हैं, जबकि जो लोग जमीन पर काम करते हैं उन्हें नजरअंदाज किया जाता है। उन्होंने दोहराया कि वह कांग्रेस की सच्ची कार्यकर्ता हैं और पार्टी के साथ मजबूती से खड़ी हैं।