गुरुग्राम में 10 हजार कर्मचारी हड़ताल पर, धारा 163 लागू:पुलिस कर्मियों से धक्का-मुक्की, मोबाइल छीनने का प्रयास; 6 कंपनियों का काम ठप

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हरियाणा के गुरुग्राम में आईएमटी मानेसर की होंडा कंपनी के बाद अब आधा दर्जन से ज्यादा कंपनियों में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। करीब दस हजार कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी वेतन वृद्धि और बेहतर कामकाजी शर्तों की मांग को लेकर कंपनी गेट के बाहर हड़ताल पर बैठ गए हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल हैं। पुलिस ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास कि तो नोकझोंक हुई। धक्का-मुक्की कर पुलिसकर्मियों का मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया। कर्मचारियों के हंगामे को देखते हुए जिला प्रशासन ने धारा 163 लागू कर दी है। उधर, हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि यह उनकी हक की लड़ाई है, जिसमें प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच का मामला है। पुलिस को बीच में नहीं आना चाहिए और न ही प्रबंधन की तरफदारी करनी चाहिए। उन्होंने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप भी लगाया। गुरुग्राम में कर्मचारियों की हड़ताल के PHOTOS…. कंपनी मालिकों पर लंबे समय से शोषण करने का आरोप कर्मचारी नेताओं का कहना है कि कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स लंबे समय से शोषण का शिकार हैं। न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम भुगतान, सुरक्षा और स्थायीकरण जैसी मांगें वर्षों से लंबित हैं। होंडा कंपनी के कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो चुकी है, लेकिन इसके बाद अब सत्यम, मुंजाल शोवा, रिको और अन्य कंपनियों के कर्मचारी भी आंदोलन की राह पर हैं। इससे मानेसर के पूरे औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। हड़ताल की वजह से कंपनियों में काम ठप हड़ताली कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले कई साल से उनकी सैलरी में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। इस दौरान हड़ताली कर्मचारी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। हड़ताल के चलते कंपनियों में कार्य पूरी तरह ठप हो चुका है, जिससे आईएमटी क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। पुलिस कर्मियों के वीडियो बनाने पर बिफरे कर्मचारी स्थिति पर कंट्रोल करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिसकर्मियों के वीडियो बनाने को लेकर हड़ताली कर्मचारियों ने हंगामा किया। कुछ कर्मचारियों ने पुलिस जवानों के साथ धक्का मुक्की की और मोबाइल छीनने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों की तरफ से बताया गया है कि कर्मचारियों को शांतिपूर्वक तरीके से समझाया जा रहा है। कर्मचारी बोले- आंदोलन तेज होगा, भारी पुलिस तैनात स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्मचारियों को समझाया जा रहा है, लेकिन कर्मचारी इसे दमनकारी रवैया बता रहे हैं। कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि उनकी सैलरी में उचित वृद्धि की जाए, कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को सुरक्षा दी जाए। एक कर्मचारी नेता ने कहा कि हम अपनी जायज मांगों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। प्रबंधन हमारी बात नहीं सुन रहा और पुलिस हमें दबाने की कोशिश कर रही है। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा। डीसी ने बताया धारा-163 का मतलब… हड़ताल के अपडेट्स जानने के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं…