हरियाणा सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से संबंधित छात्रों को बड़ी राहत दी है। सीएम ने चिराग योजना के तहत सरकार ने आय सीमा को 1.8 लाख रुपए से बढ़ाकर 8 लाख रुपए प्रति वर्ष कर दिया है, जिससे योजना का दायरा काफी बढ़ गया है। इस निर्णय की सूचना प्राथमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) को जारी अधिसूचना के माध्यम से दी गई, जिसमें 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की घोषणा की गई। सरकार के इस फैसले से सीधे तौर पर सूबे के 32.30 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। हरियाणा में प्राइवेट मान्यता प्राप्त स्कूलों में गरीब बच्चों को दाखिला स्कूल शिक्षा विभाग चिराग योजना के तहत किया जाता है। इससे पहले यह दाखिले नियम- 134ए के तहत होते थे। अगर हरियाणा सरकार ने नियम- 134 ए खत्म कर चिराग योजना की शुरुआत की है। योजना के तहत कक्षा दूसरी से 5वीं तक प्रति छात्र 700 रुपए, कक्षा छठी से आठवीं तक प्रति छात्र 900 रुपए और कक्षा नौवीं से 12वीं तक प्रति छात्र 1100 रुपए प्रति माह फीस सरकार निजी स्कूलों को देती है। 10 मार्च तक देनी होगी सीटों की डिटेल मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों से 15 फरवरी तक आवेदन मांगे हैं। संबंधित स्कूलें को एक से 15 अप्रैल के बीच दाखिला प्रक्रिया पूरी करनी होगी। गरीब बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति सरकार करेगी। 6ठी से 12वीं में दाखिले करने के लिए मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय अपनी सहमति विभाग की वेबसाइट पर दर्ज करवा सकते हैं। इन विद्यालयों की कक्षा अनुसार घोषित सीटों का विवरण विभाग द्वारा विभागीय वेबसाइट और पोर्टल पर दर्शाया जाएगा। संबंधित विद्यालय खाली सीटें 10 मार्च से नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करेगा। अभिभावकों की उपस्थिति में निकलेगा ड्रा अभिभावक और छात्र दाखिले के लिए 13 मार्च से 30 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। जिन विद्यालयों में सीटों से ज्यादा आवेदन प्राप्त होंगे, एक से पांच अप्रैल के बीच ड्रा निकाले जाएंगे। अभिभावकों की उपस्थिति में ड्रा निकाला जाएगा। सभी विद्यालय एक से 15 अप्रैल तक दाखिले की प्रकिया संपन्न कर सफल छात्रों की सूची विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर दशाएंगे।
लाभ लेने के लिए ये रहेगी शर्त
केवल वही पत्र निजी स्कूल में दाखिले के पात्र होंगे, जिन्होंने वार्षिक परीक्षा सरकारी विद्यालयों से उत्तीर्ण की हो। जिस साड में पढ़ रहे है उसी के मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में उपलब्ध सीटी पर दाखिले के लिए पात्र होंगे। पिले सरकारी स्कूल से स्कूत लिविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) लिया जाना अनिवार्य होगा। परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। फार्म-6 भरने वालं स्कूली को ही सरकार फीस की प्रतिपूर्ति करेगी।
वेटिंग लिस्ट के एडमिशन 16 अप्रैल से
बची सीटों पर प्रतीक्षा सूची के छात्र के दाखिले 16 से 30 अप्रैल तक किए जाएंगे। विद्यालयों द्वारा दाखिल विद्यार्थियों का विवरण विभागीय पोर्टल पर एक से 30 अप्रैल तक दर्ज कराना आवश्यक होगा। दाखिला अवधि में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी संबंधित विद्यालयों में विभागीय नामिनी नियुक्त करेंगे। खंड शिक्षा अधिकारी, सरकारी स्कूल के प्राचार्य, मुख्याध्यापक, पीजीटी या अध्यापक में से किसी को भी यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। दाखिले की ये हैं शर्तें योजना का लाभ केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के उन्हीं बच्चों को मिलेगा, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपए या उससे कम होगी। यह आय परिवार पहचान पत्र (Family ID) से सत्यापित होगी। केवल वे ही छात्र पात्र होंगे, जिन्होंने पिछले शैक्षणिक सत्र में किसी सरकारी स्कूल में पढ़ाई की हो। आवेदन केवल वर्तमान खंड (ब्लॉक) के मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में उपलब्ध सीटों के लिए किया जा सकता है। अभ्यर्थी एक से अधिक स्कूलों में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन किए गए स्कूलों से रसीद प्राप्त करना अनिवार्य होगा। सफल छात्रों को पिछले सरकारी स्कूल से स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट (SLC) लेना अनिवार्य होगा। दाखिले के लिए फैमिली आईडी अनिवार्य होगी। विद्यालयों को दाखिल छात्रों का डेटा एमआईएस पोर्टल पर अपडेट करना होगा और दाखिले की अंतिम तिथि के 15 दिनों के भीतर इसकी सूचना विभाग को देनी होगी।
हरियाणा में चिराग योजना का दायरा बढ़ा:8 लाख रुपए हुई आय सीमा; 12वीं तक प्राइवेट स्कूल में फ्री में मिलेगा एडमिशन, 32.30 लाख को फायदा
