सतनाः राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सदस्य ने मानवधिकारों और समावेशी विकास पर की समीक्षा

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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने मानवधिकार और समावेशी विकास से संबंधित प्रमुख विषयगत क्षेत्रों के कार्यान्वयन की स्थिति और जमीनी स्तर पर वास्तविकताओं की समीक्षा की। समीक्षा के विशिष्ट क्षेत्रों में रोजगार एवं कौशल विकास का अधिकार, बच्चों के अधिकार और किशोर न्याय प्रणाली मानव तस्करी, वृद्ध व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, विकलांग व्यक्तियों के अधिकार, पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय स्वशासन निकायों का कामकाज, खेल और मानवधिकार युवा मामले, सांस्कृतिक, दार्शनिक और कलात्मक अभिव्यक्ति में मानवधिकार बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेकर समीक्षा की।

उन्होंने सिलिकोसिस बीमारी के रोकथाम और बीमारी से प्रभावित व्यक्तियों की सूची के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग, प्रदूषण नियंत्रण विभाग समन्वय के साथ इस बीमारी को रोकने के आवश्यक प्रबंध करें। बाल कल्याण समिति से पास्को एक्ट के तहत पंजीकृत प्रकरणों की जानकारी लेते हुए आयोग सदस्य ने कहा कि बाल संरक्षण अधिकारी बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड 18 वर्ष तक के बालक-बालिकाओं का संरक्षण सुनिश्चित कराये।

जिला पंचायत की ओर से बताया गया कि जिले में 9052 महिलाओं के स्व-सहायता समूह गठित है। इनमें 1 लाख 7 हजार 448 महिला सदस्य योजना से लाभांवित हुई है। आयोग सदस्य ने समूह की महिलाओं को उत्पादन की गतिविधियों से जोडते हुए उन्हें सशक्त बनाने और ग्रामीण तथा नगरीय क्षेत्र में मजदूरों का काम के अभाव में पलायन रोकने के निर्देश दिये। इस मौके पर बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष चन्द्रकिरण श्रीवास्तव, सदस्य कामता पाण्डेय, अंजना, मंजूषा शाह तथा किशोर न्याय बोर्ड के पदाधिकारी सदस्य उपस्थित रहे।