जमानत याचिका में अधिवक्ता महेन्द्र शांडिल्य ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता को मामले में फंसाया गया है। वह 24 फरवरी, 2023 से न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा है। प्रकरण के सह आरोपियों को पूर्व में जमानत मिल चुकी है। उसके खिलाफ दर्ज मामलों में से 11 प्रकरणों में उसे जमानत मिल चुकी है। वहीं उसके खिलाफ दर्ज 13 मामलों में से दस मामले उसके इस मामले में जेल जाने के बाद दर्ज हुए हैं। इस मामले में अब तक निचली अदालत में आरोप तय नहीं हुए हैं। इसके अलावा मामले में अभियोजन पक्ष के 93 गवाह हैं। ऐसे में प्रकरण की सुनवाई पूरी होने में लंबा समय लगने की संभावना है। इसलिए उसे जमानत पर रिहा किया जाए। जिसका विरोध करते हुए सरकारी वकील मानवेन्द्र सिंह ने कहा कि आरोपी पर अन्य सह आरोपियों के साथ द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती का पेपर लीक करने और नकल कराने का आरोप है। इस तरह के अपराध का वह आदतन अपराधी है। साल 2010 से 2024 तक आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक को लेकर उसके खिलाफ एक दर्जन से अधिक प्रकरण दर्ज हुए हैं। ऐसे में उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जाए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को सशर्त जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती पेपर लीक प्रकरण में सारण को जमानत
