डिफेंस पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल धवन ने जानकारी दी कि सेमिनार में चार प्रमुख सत्र होंगे, जिनमें ‘होल ऑफ नेशन अपरोच’ की रणनीतिक आवश्यकता, सहयोग के लिए साझेदारी, सूचना संचालन, और भविष्य के संघर्षों के खिलाफ राज्य स्तर के ढांचे पर चर्चा की जाएगी, जिसमें राजस्थान को केस अध्ययन के रूप में लिया जाएगा।
उल्लेखनीय वक्ताओं में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, कूटनीतिज्ञ, प्रशासनिक अधिकारी और रणनीतिक विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो उभरते हुए बहु-आयामी खतरों और ‘विकसित भारत 2047’ और ‘आत्मनिर्भरता’ से संबंधित नवाचारी रक्षा रणनीतियों पर विचार-विमर्श करेंगे। यह सेमिनार बहुमूल्य दृष्टिकोण उत्पन्न करने और एक जटिल और गतिशील वैश्विक परिवेश में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सामूहिक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने की एक पहल हैं।
