राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने संघ शताब्दी वर्ष सह विजयादशमी उत्सव आयोजित

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मौके पर बस्ती प्रमुख शंकर कुमार की अध्यक्षता में एवं जिला सेवा प्रमुख डॉ मुरारी कुमार सिंह ने बौद्धिक देते हुए कहा कि आज से ठीक 100 वर्ष पहले नागपुर के मोहिते बाड़ा स्थान से शाखा प्रारंभ होकर विजयादशमी 1925 से प्रारंभ होकर शताब्दी वर्ष में हम लोग पहुंचे हैं। हम स्वयंसेवकों का परम सौभाग्य है कि शताब्दी वर्ष में काम करने का मौका मिला है। संघ आज वटवृक्ष बनकर पूरे विश्व में सनातन एवं हिंदुत्व संगठन के लिए कार्य कर रहे हैं। संघ निरंतर आरोही क्रम में बढ़ता ही जा रहा है। परम पूज्य डॉक्टर हेडगेवार ने प्रचारकों की एक नई सृष्टि रचना की। उन्ही प्रचारकों ने अपने त्याग तपस्या एवं कठिन परिश्रम से संघ को निरंतर सींच रहे हैं।तीन पीढ़ी से लगे स्वयंसेवकों के साथ मिलकर प्रचारक ही संघ के उद्देश्य को सार्थक कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि समाज में चेतना आई है लेकिन लक्ष्य तक पहुंचाने की चेतना में काफी कमी है। नवरात्र में शक्ति का आराधना कर हम स्वयंसेवक सामर्थ्यवान बनकर लक्ष्य की प्राप्ति करें।उन्होंने कहा कि विरोधियों के कारण संघ के ऊपर अनेक विपत्ति आए लेकिन सत्य और घैर्य के बल पर संघ ने सदैव विजय प्राप्त किया है। आज संघ वट वृक्ष के रूप में पूरे विश्व में चिंतन व चर्चा का केंद्र बना हुआ है। शताब्दी वर्ष में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पंच-प्रण लिया है। हम स्वयंसेवकों का कर्तव्य है कि इन पांच प्राण को समाज के लोगों तक घर-घर पहुंचाएं। पांच प्रण के अंतर्गत समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, स्वदेशी एवं नागरिक कर्तव्य की जिम्मेवारी को जन जन तक पहुंचना है।