दलित शोषण मंच के प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रदेश में जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जो कि चिंताजनक है। उन्होंने रोहड़ू की घटना को इसका जीवंत उदाहरण बताया और सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
मंच के संयोजक आशीष कुमार ने कहा कि यह घटना बेहद दर्दनाक है और इसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने बताया कि वे इस मामले में राज्य सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय दलित शोषण मंच को भी ज्ञापन भेज रहे हैं, ताकि मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई हो सके।
संगठनों ने सरकार से अनुरोध किया है कि एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम को सख्ती से लागू किया जाए और जातीय भेदभाव को खत्म करने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाएं न हों।
