मैं ठाकुर हूं बोलने वाली आस्था को जवाब-मैं भी ब्राह्मण:बैंक में कहा था- ऐसी-तैसी कर दूंगी; अब पति के सम्मान में पत्नी उतरीं

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कानपुर में ‘मैं ठाकुर हूं, कहने वाली आस्था सिंह को जवाब मिला है। ये जवाब उसी बैंककर्मी ऋतु त्रिपाठी ने दिया, जिससे उनका विवाद हुआ था। मंगलवार को आस्था सिंह ने वीडियो जारी कर सफाई दी। उन्होंने कहा- सामने वाले ने मेरी जाति पूछी और अभद्रता की थी। तभी मैंने उन्हें जाति बताकर जवाब दिया। मुझे गुस्सा आ गया था। मुझे ठाकुर होने पर गर्व है। वहीं इसके जवाब में ऋतु त्रिपाठी ने कहा- मैं जातिवाद क्यों करूंगी। वो हमसे कहती रहती है कि ठाकुर हूं, मैं ठाकुर… अरे ऐसे ठाकुर को ठोक देना चाहिए। मैं भी उसी बैंक में जॉब करती थी। कभी किसी स्टाफ से मिसबिहैव नहीं हुआ। इन्हें आए हुए सिर्फ 15 दिन हुए और टेबल पर बैठकर ऐसे बात कर रही हैं। HDFC बैंक की पनकी ब्रांच में 6 जनवरी को क्या हुआ? दोनों पक्षों के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ? आस्था सिंह और ऋतु त्रिपाठी ने एक-दूसरे को क्या बोला? वो पढ़िए… सबसे पहले पढ़िए, आस्था सिंह ने क्या कहा?
सवाल: आपने जब अपना वायरल वीडियो देखा तो पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद रिएक्शन पढ़कर मुझे हंसी आ रही थी। लोगों को सच जानने से मतलब ही नहीं है। यह भी नहीं जानना चाह रहे थे कि आखिर उस दिन हुआ क्या था? लोग सिर्फ एक तरफा जजमेंट दे रहे थे। हालांकि, कुछ समझदार लोग हैं। वह मेरे समर्थन में उतरे। उन्होंने सच जानने की कोशिश की। सवाल: सब सच जानना चाह रहे हैं। आखिर उस दिन क्या हुआ था? जवाब: वीडियो 6 जनवरी का है। साथ में काम कर रही महिला ऋतु त्रिपाठी रिजाइन देकर रिलिविंग लेटर लेने आई थीं। कैश काउंटर में रहने वालों को कैश टैली कराने के बाद ही रिलीव किया जाता है। 30 दिन का नोटिस पीरियड भी देना होता है। उनको सेम डे रिलिविंग चाहिए थी। उनके पति और उनका व्यवहार काफी खराब था।
सवाल: विवाद कैसे हुआ? आप किस बात पर इतना भड़क गईं? जवाब: घटना वाले दिन ऋतु की ननद ब्रांच आई थी। उनकी ननद से सुबह मेरी हल्की कहासुनी हुई थी। शाम करीब 4.30 बजे उनके पति ब्रांच आए। हमसे बोले कि मैं तुम्हारी हेकड़ी निकाल दूंगा। महिला पुलिसकर्मी बुलाकर तुम्हें जेल भिजवा दूंगा। तुम्हारी पूरी गर्मी निकाल दूंगा। फिर मुझे एक्शन लेना ठीक लगा। मैंने वो किया। सवाल: आपको अपनी जाति बताने की क्यों जरूरत पड़ी? जवाब: उनके पति ने आते ही मुझसे कहा था कि कौन सी जाति की है, जो इतनी अकड़ दिखा रही। अब आप मुझसे जाति पूछेंगे तो जाति ही बताऊंगी। मुझसे मेरा नाम पूछा होता तो मैं नाम बताती। मैं किसी पॉलिटिकल पार्टी से कनेक्शन नहीं रखती। लोगों को मुद्दा चाहिए होता है। लोगों ने मुद्दा बनाया कि मैं ठाकुर हूं। टारगेट किसी और को किया जा रहा है। मिडिएटर मैं बन रही। सवाल: आप क्या चाहती हैं, महिला हैं तो लोग आपका सपोर्ट करें? जवाब: मैं यह नहीं कह रही कि मैं महिला हूं तो मेरा सपोर्ट करो। मेरा कहना है कि सच को सपोर्ट करो। आप मामले की निष्पक्ष जांच करो। फिर निष्कर्ष पर आओ। आप खुद को कस्टमर बताकर सोचोगे कि सिंपैथी मिल जाएगी। ऐसा नहीं होता। आप किसी भी जाति धर्म के हों। लेकिन पहले मनुष्य हैं। अगर महिला से बात करने की मर्यादा भूल गए हैं तो याद भी महिला ही दिलाएगी।
सवाल: वीडियो सामने आने के बाद क्या आपको धमकी भी मिली? जवाब: हां, कमेंट में लोगों ने मुझे धमकाया। मेरे लिए अपशब्द लिखे। लोगों ने लिखा कि इसका रेप कर देना चाहिए। इसके बाल काट देने चाहिए। ये कमेंट मुझे बेहद खराब लगे। क्योंकि, लोगों ने बिना सच जाने यह सब लिखा। सवाल: अब आपका अगला कदम क्या होगा? जवाब: सोशल मीडिया पर लोगों ने मुझे धमकी दी। ऐसे लोगों के खिलाफ मैं अब लीगल एक्शन लूंगी। वीडियो वायरल करने वालों पर मैं मानहानि का केस करूंगी। मेरी छवि खराब हुई है। आज मैं यहां काम कर रही हूं। कल किसी संस्थान में इंटरव्यू देने जाऊंगी तो क्या कोई मुझे नौकरी देगा?
अब पढ़िए ऋतु त्रिपाठी ने क्या कहा- ऋतु त्रिपाठी ने बताया कि उस दिन (6 जनवरी) में बैंक में रिजाइन देने गई थी। मेरी ननद मेरे साथ थीं, वो बाथरूम गई थी। वहां पर अंदर आस्था पहले से मौजूद थी। उन्होंने दरवाजा लॉक नहीं किया था, उन्हें करना चाहिए था। फिर वो नाराज होने लगीं। उन्हें जातिवाद नहीं करना चाहिए। ये लोकतंत्र हैं..यहां इस तरह की बात की इजाजत नहीं है। वो कहती है कि हम जातिवाद कर रहे थे, अरे ऐसा नहीं है, वो खुद ही कहती घूम रही थी। ऋतु त्रिपाठी के पति ऋषि मिश्रा ने बताया कि 6 जनवरी को मैं शाम 3 बजे बैंक गया था। क्योंकि मेरी वाइफ का इस्तीफा बैंक वाले स्वीकार नहीं कर रहे थे। मेरी वाइफ और बहन सुबह 9 बजे से बैंक में बैठे थे। ऋतु के पति बोले- मैंने जाति नहीं पूछी, CCTV चेक कराएं मैंने उनसे (आस्था) उनकी जाति नहीं पूछी थी। उनके बगल में एक लड़का बैठा था, मैंने उससे पूछा कि क्या मैटर हो गया? मेरी पत्नी का इस्तीफा क्यों स्वीकार नहीं हो रहा। फिर मैंने पत्नी से पूछा कि क्यों इतनी देर हो रही? बस इसी बात पर वह भड़क गईं। मैंने उनसे यह भी नहीं कहा कि उनकी गर्मी निकाल दूंगा। बैंक वाले सीसीटीवी देख लें। सब सच सामने आ जाएगा। मैंने उनके लिए कोई अपशब्द नहीं निकाले। वहीं ऋतु ने कहा कि बैंक में टाइम का इश्यू था। इसलिए मैं इस्तीफा देना चाहती थी। मेरा 8 महीने का बेटा, इसलिए रिजाइन किया सुबह समय से आती थी। मगर शाम को शाम का कभी 8 बज रहा था तो कभी 9 बज जाता था। घर में मेरा 8 महीने का बेटा भी है। मैंने बैंक वालों को ये बात बताई थी। बैंक मैनेजर कहते थे कि शाम को हम घर छोड़ आएंगे। परेशान होकर मैंने इस्तीफा दिया। लगातार टाइम को लेकर मुझ पर तंज कसा जाता था। ——————————- ये खबर भी पढ़िए- लेम्बोर्गिनी से 6 को उड़ाया, कारोबारी के बेटे पर FIR: कानपुर पुलिस की 5 बड़ी चूक, लापरवाही पर थाना प्रभारी लाइन हाजिर कानपुर में लेम्बोर्गिनी कार से 6 लोगों को कुचलने के मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। दरअसल, पुलिस ने रविवार रात कार के नंबर के आधार पर अज्ञात ड्राइवर पर FIR दर्ज की थी। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा, तो पुलिस बैकफुट पर आ गई। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल को आगे आना पड़ा। कमिश्नर ने कहा- जांच में तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम का नाम सामने आया है। शिवम मिश्रा का नाम FIR में जोड़ा जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर…