पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को पंचकूला AJL जमीन आवंटन केस में हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। पंजाब एंड चंडीगढ़ हाईकोर्ट ने सीबीआई कोर्ट द्वारा आरोप तय करने के फैसले को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि सीबीआई का केस कोई अपराध साबित नहीं करता है। जांच एजेंसी को जमीन आवंटन को अवैध बताने का कानूनी अधिकार नहीं है। बता दें कि यह मामला पंचकूला के सेक्टर-6 में करीब 3,360 वर्ग मीटर के सरकारी भूखंड आवंटित करने का है। इस केस में सीबीआई ने हुड्डा समेत 4 वरिष्ठ अधिकारियों को भी आरोपी बनाया था। जानिए क्या था पूरा मामला… भाजपा सरकार में केस दर्ज हुआ
प्रदेश में 10 साल हुड्डा सरकार रही। इसके बाद भाजपा की सरकार बनी। 5 मई 2016 को हरियाणा राज्य की विजिलेंस ब्यूरो ने इस विषय में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी। इसके बाद जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को 4 अप्रैल 2017 में सौंप दी गई। CBI ने भी अपना केस रजिस्टर्ड किया था। विजिलेंस ने हुड्डा के अलावा 4 अफसरों को आरोपी बनाया
हरियाणा विजिलेंस ने पूर्व सीएम भूपेंद्र हड्डा समेत हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के 4 वरिष्ठ अफसरों के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। बाद में ईडी ने इसी एफआईआर को संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की। इनके खिलाफ भूखंड के पुनः आवंटन में अनियमितता बरतने का आरोप है। हुड्डा उस समय मुख्यमंत्री के रूप में हुडा (हरियाणा अर्बन डवलेपमेंट अथॉरिटी) के पदेन अध्यक्ष थे। उधर, जब जमीन वापस ली गई तब तर्क दिया गया कि उस पर निर्माण नहीं हुआ था। साल 2005 में फिर से उसी माप के साथ उसी कीमत पर (पुराने रेटों पर) आवंटित कर दी गई थी।
पंचकूला AJL जमीन आवंटन केस में हुड्डा को राहत:CBI कोर्ट का आरोप तय करने का आदेश रद्द; हाईकोर्ट ने कहा- अपराध साबित नहीं होता
