पिछले 24 घंटों में बिलासपुर, बंगाणा और कसौली में 40-40 मिमी, नैना देवी में 30 मिमी, जबकि मंडी और पालमपुर में 20-20 मिमी बारिश दर्ज की गई। हालांकि मौसम विभाग ने 19 और 20 सितम्बर को मैदानी व मध्यवर्ती इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान जताया है, लेकिन 21 से 23 सितम्बर तक अधिकांश इलाकों में धूप खिलने की संभावना है। इस बार के मॉनसून ने प्रदेश को भारी नुकसान पहुंचाया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब तक 419 लोगों की मौत हुई है, 479 घायल हुए हैं और 45 लोग लापता हैं। सबसे ज्यादा 66 मौतें मंडी जिले में दर्ज की गई हैं। कांगड़ा में 57, चंबा में 50, शिमला में 47, कुल्लू में 44, सोलन में 32, किन्नौर में 30, उना में 27, सिरमौर में 21, बिलासपुर में 20, हमीरपुर में 16 और लाहौल-स्पीति में नौ लोगों की मौत हुई है।
मॉनसून सीजन में 1521 मकान पूरी तरह ढह गए और 6789 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। मवेशियों और पोल्ट्री में भी भारी हानि हुई है। सरकारी आकलन के अनुसार हिमाचल को अब तक 4593 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है, जिसमें लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा 2803 करोड़ का नुकसान हुआ है। जलशक्ति विभाग को 1413 करोड़ और ऊर्जा विभाग को 1394 करोड़ की क्षति पहुंची है। राज्य में अब तक 145 भूस्खलन, 98 फ्लैश फ्लड और 46 बादल फटने की घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं।
