एमपी में 10 से अधिक विभागों की भर्तियों के लिए अब एक ही परीक्षा होगी। मुख्य सचिव अनुराग की अध्यक्षता वाली कमेटी ने संयुक्त भर्ती परीक्षा 2025 के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत मप्र कर्मचारी चयन मंडल ( ईएसबी) साल में तीन क्वालिफाइंग एग्जाम और मप्र लोकसेवा आयोग(एमपीपीएससी) पांच परीक्षाएं आयोजित करेगा। प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है और इसे अप्रैल से लागू करने की योजना है। यदि कैबिनेट प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो 2026 में ग्रुप ‘ए’ से ‘डी’ तक 14,000 पदों और 30,000 शिक्षक व अन्य डिप्लोमा पदों पर भर्ती इसी प्रणाली से होगी। यह नई व्यवस्था कैसे काम करेगी और उम्मीदवारों को क्या लाभ मिलेगा.. पढ़िए रिपोर्ट… मौजूदा व्यवस्था की प्रमुख खामियां इन समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने ‘एक कैटेगरी, एक एग्जाम’ का फॉर्मूला अपनाया है। कर्मचारी चयन मंडल( ईएसबी): तीन परीक्षाएं, दो साल की वैलिडिटी
नए नियमों के तहत ईएसबी केवल चयन अर्हता परीक्षाएं यानी क्वालिफाइंग एग्जाम आयोजित करेगा। इसका मकसद उम्मीदवारों की योग्यता के आधार पर स्कोर कार्ड जारी करना है, जो दो साल तक वैध रहेगा। इसी स्कोर के आधार पर विभाग अपनी जरूरत के अनुसार भर्तियां करेंगे। ईएसबी की परीक्षाएं तीन कैटेगरी में होंगी ईएसबी परीक्षाओं के नए नियम एमपीपीएससी संयुक्त परीक्षाएं आयोजित करेगा
मप्र लोकसेवा आयोग (एमपीपीएससी) अब अलग-अलग विज्ञापनों की बजाय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करेगा। सभी विभागों को हर साल 30 सितंबर तक रिक्तियों की जानकारी आयोग को देना अनिवार्य होगा। बड़ा बदलाव: सीधे इंटरव्यू का प्रावधान
नए प्रावधान के तहत, यदि किसी पद के लिए 500 से कम या पदों की संख्या के तीन गुना से कम आवेदन आते हैं, तो MPPSC बिना लिखित परीक्षा भर्ती कर सकेगा। ऐसे मामलों में दो विकल्प होंगे-आयोग सीधे सभी पात्र उम्मीदवारों का साक्षात्कार ले सकता है या शैक्षणिक अंकों के आधार पर मेरिट बनाकर उम्मीदवारों को बुला सकता है। अंतिम चयन साक्षात्कार के अंकों पर होगा, जिससे कम आवेदनों वाले पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी। चयन और प्रतीक्षा सूची के नियम (एमपीपीएसी व ईएसबी के लिए) भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और आरक्षण नियम स्पष्ट करने के लिए चयन सूची की प्रक्रिया को और साफ किया है।
एक एग्जाम से 10 से ज्यादा विभागों में भर्ती:एमपी में सरकारी नौकरी के लिए एक कैटेगरी एक एग्जाम, 2 साल तक वैलिड होगी सूची
