हरियाणा में कांग्रेस विधायकों के बागी तेवर, दिल्ली में हलचल:राहुल गांधी और खड़गे की मौजूदगी में होगी बैठक; चार ने नहीं दिया जवाब

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हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के बाद उपजा क्रॉस वोटिंग विवाद अब कांग्रेस के लिए बड़ा सियासी संकट बनता जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति की बैठक से पहले पार्टी ने दिल्ली में विधायक दल की बैठक बुला ली है। बैठक में हरियाणा कांग्रेस के बड़े चेहरों के साथ ही राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन के शामिल होने की भी उम्मीद है। बैठक में क्रॉस वोटिंग करने वाले और कैंसिल वोट वाले विधायकों पर कार्रवाई को लेकर चर्चा की जाएगी। 5 सांसदों के शामिल होने की उम्मीद हरियाणा में अभी कांग्रेस के 5 लोकसभा सांसद हैं। दिल्ली में होने वाली इस विधायक दल की मीटिंग में सभी पांचों सांसदों के भी शामिल होने का अनुमान है। राज्यसभा चुनाव के दौरान 4 सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा, वरूण मुलाना, जेपी और सतपाल ब्रह्मचारी एक साथ दिखाई दिए थे, हालांकि कुमारी सैलजा अभी तक इस पूरे एपिसोड से दूरी बनाए हुए हैं और न ही इस मामले को लेकर कोई बयान दे रही हैं। 4 विधायकों ने नहीं भेजा जवाब बताया जा रहा है कि पार्टी की ओर से जिन पांच विधायकों को नोटिस जारी किया गया था, उनमें से अभी तक चार विधायकों ने अपना जवाब नहीं भेजा है। 5वें विधायक जरनैल सिंह का जवाब देने का टाइम कल पूरा होगा। हालांकि विधायक खुलेआम सार्वजनिक मंच पर पार्टी के इस फैसले के खिलाफ बोल रहे हैं। यही वजह है कि अब अनुशासन और संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर अनुशासन और नेतृत्व की पकड़ की बड़ी परीक्षा बन गया है।

पांच विधायक कौन, जिन पर कार्रवाई की तलवार राज्यसभा चुनाव में जिन चार विधायकों ने अभी तक अनुशासन समिति के शोकाज नोटिस का जवाब नहीं दिया है, उनमें विधायक शैली चौधरी, रेणु बाला, मो. इलियास, मो. इसराइल का नाम शामिल है। इन विधायकों ने सार्वजनिक मंचों और मीडिया में लगातार बयानबाजी की, जिससे पार्टी के भीतर मतभेद और अनुशासनहीनता के आरोप और मजबूत हुए। कुछ विधायकों ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने अंतरात्मा की आवाज पर वोट दिया, जबकि पार्टी नेतृत्व का आरोप है कि यह सीधे-सीधे पार्टी लाइन का उल्लंघन है। यहां जानिए क्यों बढ़ा विवाद राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला, इसकी वजह चुनाव में 4 विधायकों के वोट रद्द होने और 5 के द्वारा क्रॉस वोटिंग ने पार्टी को झटका दिया है। इसके बाद पार्टी ने संबंधित विधायकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, लेकिन विधायकों ने 7 दिन पूरे होने के बाद भी जवाब नहीं दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पार्टी हाईकमान ने हरियाणा इकाई से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। माना जा रहा है कि यह कदम पार्टी में अनुशासन का सख्त संदेश देने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। बयानबाजी पर सख्ती बढ़ाने की तैयारी हरियाणा कांग्रेस में राज्यसभा चुनाव में लगातार जो हालात बने हैं, उसको देखते हुए पार्टी सख्त फैसला ले सकती है। संबंधित विधायकों को पार्टी से निलंबित किया जा सकता है। इसके अलावा पार्टी हाईकमान संगठनात्मक पदों से हटाने का फैसला भी ले सकता है। इससे भविष्य में टिकट वितरण पर असर न पड़े। पार्टी के भीतर गुटबाजी और बयानबाजी पर सख्ती बढ़ाने की पार्टी तैयारी कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष बोले- मुझे न्योता आया है
हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र ने भास्कर एप से बातचीत के दौरान बताया कि दिल्ली में 30 मार्च को विधायक दल की मीटिंग है। मुझे भी नेता प्रतिपक्ष की तरफ से न्योता आया है। मैं यदि यहां रहा तो मीटिंग में जरूर जाऊंगा, लेकिन आउट आफ स्टेशन हुआ तो मैं नहीं पहुंच पाऊंगा। मीटिंग के एजेंडे को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, ये सीएलपी लीडर का अधिकार है। मेरा दायित्व अलग है। मैं उसी पर फोकस कर रहा हूं। बागी विधायकों के नोटिस को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने बताया कि अभी ये मामला अनुशानात्मक कमेटी देख रही है। अप्रैल में पहले हफ्ते में उनकी मीटिंग है, उस मीटिंग में जो भी तय होगा उसको हमे भेजा जाएगा, जिसके बाद हम पूरी रिपोर्ट हाईकमान को देंगे।