बाल विकास परियोजना अधिकारी सुन्दरनगर पूनम चौहान ने राष्ट्रीय पोषण माह की मुख्य धारा थीम के अंतर्गत स्वच्छता और साफ-सफाई के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पोषण और स्वच्छता आपस में जुड़े हुए हैं और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने परिवार, विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहते हुए संतुलित आहार और स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाएं।
इस अवसर पर विशेषज्ञों ने गर्भावस्था से लेकर बच्चे के दो वर्ष की आयु तक के सुनहरे 1000 दिनों की महत्ता पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही अनीमिया और डायरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम, योगाभ्यास तथा संतुलित आहार की भूमिका पर चर्चा की गई। महिलाओं को स्वास्थ्यवर्धक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 40 महिलाओं और 10 पुरुषों ने भाग लिया। उपस्थित सभी व्यक्तियों को योगाभ्यास भी करवाया गया।
