रेप केस में सजा काट रहा आसाराम तीन दिनों से वाराणसी में है। रविवार शाम करीब 8 बजे उसने VIP प्रोटोकॉल के तहत बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। आसाराम लग्जरी गाड़ी से मंदिर पहुंचा था। बाद में व्हीलचेयर पर बैठकर गेट नंबर 4 से उसने मंदिर में एंट्री ली। यह VIP गेट है। 50 से अधिक पुलिसकर्मी घेरा बनाकर आसाराम को मंदिर के अंदर ले जाते हुए दिखाई दिए। आसाराम भले ही VIP बनकर पहुंचा था, लेकिन उसे स्पर्श दर्शन नहीं कराया गया। उसने गर्भगृह के बाहर से ही आम श्रद्धालुओं की तरह दर्शन किए। इस दौरान आम लोग भी ज्योर्तिलिंग के दर्शन करते रहे। आसाराम के मंदिर पहुंचने की जानकारी उसके अनुयायियों को लग गई थी। जब वह बाहर निकला तो तमाम लोग मंदिर के बाहर इंतजार करते दिखे। आसाराम यहां एक आश्रम में रोज प्रवचन देता है, जिसमें मोबाइल ले जाने पर पाबंदी है। आसाराम को राजस्थान और गुजरात हाईकोर्ट को 6-6 महीने की अंतरिम जमानत मिली है। गुजरात हाईकोर्ट में जमानत की याचिका पर सुनवाई के दौरान दलील दी गई थी कि आसाराम हृदय से संबंधित बीमारी से पीड़ित है। आश्रम में लोगों के मोबाइल जब्त, वीडियो डिलीट करवाए
आसाराम, काशी में बड़ागांव के अनौरा स्थित आश्रम में ठहरा है। आसाराम ने व्यास पीठ से अनुयायियों को प्रवचन दिया। उनसे मुलाकात भी की। आश्रम प्रशासन द्वारा सत्संग हॉल में प्रवेश करने वाले हर श्रद्धालु का मोबाइल फोन जमा करवाया जा रहा है। आश्रम परिसर के भीतर वीडियो बनाने पर सख्त पाबंदी है। यदि कोई चुपके से वीडियो बनाते पकड़ा जा रहा है, तो तत्काल उसे डिलीट करवाया जा रहा है। आश्रम में पूर्वांचल और बिहार से हजारों श्रद्धालु पहुंचे
आसाराम रविवार दोपहर करीब 2:20 बजे आश्रम से बाहर आया था। वह कहां गया, इसकी जानकारी नहीं मिली। आसाराम के काशी आने की खबर से वाराणसी के अलावा जौनपुर, भदोही, गाजीपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़, चंदौली और पड़ोसी राज्य बिहार से बड़ी संख्या में लोग अनौरा पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि डेढ़ दशक से जिस आश्रम में सन्नाटा पसरा था। वहां अब अचानक हजारों की भीड़ और गाड़ियों के काफिले से गांव का माहौल पूरी तरह बदल गया है। 3 कारों से अयोध्या पहुंचा था; हनुमानगढ़ी की सीढ़ियां नहीं चढ़ पाया 4 दिन पहले आसाराम ने रामलला के VVIP गेट से दर्शन किए 11 मार्च को आसाराम ने अयोध्या में रामलला के दर्शन किए थे। 3 वाहनों का काफिला आदि शंकराचार्य द्वार से राम मंदिर के अंदर पहुंचा। आसाराम को VIP मेहमान की तरह रामलला के दर्शन कराए गए। हालांकि, हनुमानगढ़ी की सीढ़ियां ज्यादा होने की वजह से आसाराम वहां दर्शन करने नहीं जा सका। राममंदिर निर्माण के प्रभारी गोपाल जी ने आसाराम को मंदिर के बारे में बताया। मंदिर निर्माण की जानकारी दी। आसाराम ने करीब 10 मिनट तक रामलला का दर्शन किए। इस दौरान रामलला की मोहिनी सूरत को बिना पलक झपकाए निहारता रहा। मंदिर के सोने के दरवाजों और दीवारों पर उकेरी गई कलाकृतियों समेत मंदिर की भव्यता को निहारा। करीब 30 मिनट तक राममंदिर में बिताने के बाद आसाराम लक्ष्मण किला वापस आ गया था। क्यों तीर्थों में घूम रहा आसाराम?
आसाराम तीर्थ क्यों घूम रहा है, इसका जवाब खुद उसने अयोध्या में दिया था। आसाराम ने कहा था- भारत में कई ऐसे तीर्थ स्थान हैं, जहां प्राण त्यागने या जाने मात्र से मनुष्य का कल्याण होता है। शास्त्रों में 7 मोक्षदायी स्थान बताए गए हैं। इनमें अयोध्या, मथुरा, माया (हरिद्वार), काशी, कांची, अवंतिका और पुरी हैं। मानव शरीर में वात, कफ और पित्त तीन दोष होते हैं। तीर्थ स्थलों पर जाने से इन दोषों का प्रभाव कम होता है। शास्त्रों में अयोध्या को पहला स्थान है। मथुरा में रहने वाला व्यक्ति चाहे साधु के वेश में रहा हो, लेकिन साधु का दायित्व न निभाया हो, फिर भी वहां मृत्यु होने पर उसे नरक नहीं जाना पड़ता। अब पढ़िए आसाराम को उम्रकैद क्यों हुई भूत-प्रेत का साया बताकर लड़की से आश्रम में रेप किया
यूपी में शाहजहांपुर में रहने वाला एक परिवार आसाराम का अनुयायी था। परिवार की नाबालिग लड़की आसाराम के छिंदवाड़ा (मध्यप्रदेश) स्थित आश्रम में 12वीं की पढ़ाई कर रही थी। साल-2013 की बात है। एक दिन लड़की क्लास में बेहोश हो गई। बाबा के साधक ने उस पर भूत-प्रेत का साया बताया और कहा कि इसका इलाज आसाराम बापू ही करेंगे। इसके बाद 14 अगस्त, 2013 को लड़की को छिंदवाड़ा से करीब 1 हजार किलोमीटर दूर जोधपुर के मनई आश्रम में ले जाया गया। 15 अगस्त, 2013 की रात कुटिया में रसोइया एक गिलास दूध लेकर आया। इसके बाद आसाराम ने लड़की से रेप किया। इस वारदात के 5 दिन बाद यानी 20 अगस्त, 2013 को पीड़ित लड़की ने दिल्ली पुलिस में FIR दर्ज कराई। इसमें पीड़ित लड़की ने बताया कि आसाराम ने उससे ओरल सेक्स करने को कहा और गलत तरीके से भी छुआ। दिल्ली के निर्भया रेप केस की वजह से उस वक्त तक रेप-छेड़खानी के नए कानून लागू हो चुके थे। इसलिए आसाराम पर नए कानून के तहत कठोर धाराएं लगीं। 31 मार्च, 2013 को इस मामले में आसाराम गिरफ्तार हो गया। 25 अप्रैल, 2018 को जोधपुर की अदालत ने इस मामले में दोषी आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। तभी से आसाराम सेंट्रल जेल जोधपुर में बंद है। इतने साल में आसाराम पहली बार पैरोल पर बाहर आया है। 7 जनवरी, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल बेस पर उसको 31 मार्च, 2025 तक जमानत दी थी। फिर राजस्थान और गुजरात हाईकोर्ट से मिली थी राहत
जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को आसाराम को बढ़ती उम्र और लगातार गिरते स्वास्थ्य का हवाला देते हुए इलाज के लिए 6 महीने की अंतरिम जमानत दी थी। इसी आदेश के आधार पर 6 नवंबर को गुजरात हाईकोर्ट ने भी रेप के एक अन्य मामले में उसे जमानत दे दी थी। लेकिन, उसमें आसाराम के साथ तीन पुलिसकर्मी रखने और समूह में साधकों से नहीं मिलने की शर्त भी थी। इन दोनों शर्तों को हटाने के लिए आसाराम की ओर से दोबारा गुजरात हाईकोर्ट में अर्जी लगाई गई थी। …………………. ये खबर भी पढ़िए- ‘आसाराम को कोई बीमारी नहीं’:यूपी की रेप विक्टिम के पिता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, बोले- बाहर रहने से जान का खतरा
यूपी की रहने वाली रेप पीड़िता के पिता आसाराम की जमानत रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। पिता ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें आसाराम को इलाज के लिए 6 महीने की जमानत मिली है। पीड़िता के पिता ने कहा, आसाराम पूरी तरह स्वस्थ है। उसे कोई बीमारी नहीं है। वह ऋषिकेश से लेकर महाराष्ट्र तक घूम रहा है। पिता ने कहा, उसे आम कैदियों की तरह जेल में ही इलाज मिलना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर
रेपिस्ट आसाराम ने काशी विश्वनाथ के VIP दर्शन किए:50 पुलिसवाले भीड़ संभालते रहे; तीन दिनों से प्रवचन कर रहा
