हरियाणा में हिसार की सेंट्रल जेल में बंद रामपाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आज (शनिवार) को हिसार कोर्ट में रामपाल की वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के जरिए पेशी हुई। सतलोक आश्रम में नवंबर 2014 में भड़की हिंसा के बाद रामपाल पर देशद्रोह के तहत एफआईआर हुई थी। बरवाला थाने में दर्ज मुकदमा नंबर 428 के तहत आज सुनवाई हुई जिसमें सतलोक आश्रम में ड्यूटी देने वाले 4 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसमें 4 पुलिसकर्मी सुभाष, जंगबीर, मुकेश और अन्य शामिल रहे। अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश गगन दीप मित्तल की कोर्ट ने अब इस मामले में अगली सुनवाई 31 जनवरी को होगी। वहीं 14 जनवरी को हरियाणा एंड पंजाब हाईकोर्ट में रामपाल की बेल पर सुनवाई होगी। एक तरफ पेशी, दूसरी तरफ सम्मान
एक तरफ जहां रामपाल पर संगीन मामले चल रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ रामपाल को जगह-जगह हरियाणा में सम्मानित किया जा रहा है। सरकारी एजेंसियों के मुताबिक इस भीड़ में बाहर के लोग भी शामिल होने हो रहे हैं। इससे पहले भी रामपाल की पेशी के दौरान उसके समर्थक हिसार में डेरा डाल देते थे। हाईकोर्ट में सुनवाई से पहले रामपाल के कार्यक्रमों पर सरकारी एजेंसियों की खास नजर है। बाकायदा हर कार्यक्रम की वीडियोग्राफी तक करवाई जा रही है। क्या था सतलोक आश्रम कांड
दरअसल, हरियाणा में नवंबर 2014 में रामपाल के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में उपद्रव हुआ था, जिसमें आश्रम के 6 अनुयायियों की मौत हुई थी। मरने वालों में मध्य प्रदेश के जिला रीवा के अंबा गांव निवासी आदर्श सिंह, दिल्ली की लखपत कॉलोनी निवासी 31 वर्षीय सरिता देवी, रोहतक जिले के भगवतीपुर निवासी 45 वर्षीय संतोष, पंजाब के संगरूर के गांव शेखपुरा निवासी 50 वर्षीय मलकीत कौर, उत्तर प्रदेश के तहसील लाल बेहर की जाखोद निवासी रजनी व यूपी के ही रामपुर वास की निवासी 70 वर्षीय राजबाला शामिल थे। रामपाल समेत 22 अन्य के खिलाफ देशद्रोह का केस
इस विवाद को लेकर सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल समेत 22 अन्य के खिलाफ देशद्रोह, हत्या, सरकारी ड्यूटी में बाधा, अधिक मात्रा में दवाइयां रखने, गैस सिलेंडर आदि के स्टॉक से जुड़े केस दर्ज किए गए थे। रामपाल को हत्या से जुड़े मामले में कोर्ट ने आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा सुना चुकी है। अब 14 में से 11 केसों में बरी हो चुका रामपाल
रामपाल के वकालतनामा पर हस्ताक्षर करने वाले हिसार के एडवोकेट कुलदीप का कहना है कि रामपाल महाराज 2014 से जेल में बंद हैं। उन पर कुल 14 केस लगे थे। उनमें से 11 केस में वे बरी हो चुके हैं। 2 केस जिनका मुकदमा नंबर 429 और 430 है, उनमें हाईकोर्ट ने उनकी उम्रकैद की सजा को सस्पेंड कर दिया है। अभी देशद्रोह का मुकदमा नंबर 428 है। इसमें 1000 से ज्यादा लोग शामिल थे। बता दें कि देशद्रोह मामले में 17 जनवरी को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है, उससे पहले रामपाल की छवि सुधारी जा रही है।
देशद्रोह मामले में बढ़ सकती हैं रामपाल की मुश्किलें:हिसार कोर्ट में 4 पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज; सतलोक आश्रम में हुई थी हिंसा
