हिसार के सतलोक आश्रम प्रकरण में दर्ज देशद्रोह के मामले में रामपाल शुक्रवार को जमानत पर बाहर आ गया। अब वह सोनीपत जिले के धनाना स्थित सतलोक आश्रम में अपने परिवार के साथ रहेगा। रामपाल के वकील सचिन दास ने बताया कि शर्त के अनुसार, रामपाल को जमानत अवधि तक अपने घर (सोनीपत जिले के धनाना) में ही रहना होगा। वह सत्संग भी नहीं कर सकते। उन्हें कोर्ट में हर पेशी पर व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा। अब उनकी अगली पेशी 16 मई को है। सबसे खास बात यह है कि शुक्रवार को रामपाल के साथ जेल से उनके दो करीबी भक्त भी जमानत पर निकले। इनमें महिला बबीता को 5 साल पहले (2021 में) और मनोज को 10 साल पहले (2016 में) ही जमानत मिल चुकी थी, लेकिन दोनों ने रामपाल के साथ ही बेल बॉन्ड भरकर जमानत ली। रामपाल जिस फॉर्च्यूनर गाड़ी में सवार थे, उसके आगे चल रही डिफेंडर से बबीता धनाना आश्रम पहुंचीं। बबीता-मनोज ने एक-एक लाख का बेल बॉन्ड भरा वकील सचिन दास ने बताया कि मनोज का एफआईआर नंबर 428 और बबीता का एफआईआर नंबर 429 और 430 में नाम था। दोनों को कोर्ट से काफी पहले ही जमानत मिल चुकी थी, लेकिन दोनों तब तक जेल से बाहर नहीं आए जब तक रामपाल को जमानत नहीं मिली। उन्होंने कहा था कि वह जेल में रहकर ही रामपाल की सेवा करेंगे। शुक्रवार को रामपाल ने जब मर्डर के केसों में 5-5 लाख के बेल बॉन्ड भरे तो बबीता और मनोज के लिए भी एक-एक लाख रुपए के बेल बॉन्ड भरे गए। बबीता को पुलिस ने बरवाला के सतलोक आश्रम से गिरफ्तार किया था। वह रामपाल की लंबे समय से सेवा करती आ रही है। उसके पिता बलजीत भी रामपाल के मुख्य सहयोगियों में से एक हैं। भतीजा बोला- दूसरे आश्रमों में भी जाएंगे रामपाल के भतीजे युद्धवीर ने दैनिक भास्कर को बताया कि गुरुजी के कुल 22 आश्रम हैं। अभी हरियाणा में धनाना आश्रम सबसे बड़ा है। गुरुजी अभी कुछ दिन यहीं आराम करेंगे, जिसके बाद वह दूसरे आश्रमों में भी जाएंगे। फिलहाल, गुरुजी का मुख्यालय धनाना ही है। धनाना में 12 एकड़ लंबाई और 3 एकड़ चौड़ाई में आश्रम बना हुआ है, जहां एक साथ एक लाख लोग सत्संग सुन सकते हैं। यहां खाने-पीने की व्यवस्था है और जितनी भी संगत आती है, वह खाना खाकर जाती है। 2014 में पुलिस और समर्थकों में टकराव हुआ नवंबर 2014 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रामपाल को एक केस में कोर्ट की अवमानना के एक मामले में पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। 19 नवंबर 2014 में पुलिस रामपाल को गिरफ्तार करने हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में पहुंची। यहां पुलिस और रामपाल समर्थकों के बीच टकराव हुआ। इस दौरान महिलाओं और बच्चों समेत 6 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद रामपाल को गिरफ्तार कर लिया गया। 2018 में हिसार कोर्ट ने रामपाल को दोषी ठहराया और हत्या सहित अन्य धाराओं में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। इस मामले में रामपाल पर देशद्रोह का केस भी दर्ज किया गया था। 8 अप्रैल को रामपाल को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी। ——————————— ये खबर भी पढ़ें :- 11 साल बाद जेल से बाहर आया रामपाल:मुस्कुराते हुए निकला, सोनीपत के सतलोक आश्रम पहुंचा, देखकर रोने लगीं महिला भक्त
हरियाणा में हिसार के सतलोक आश्रम प्रकरण में उम्रकैद की सजा काट रहा रामपाल शुक्रवार को 11 साल और 4 महीने 24 दिन बाद हिसार की सेंट्रल जेल-2 से निकला। परिवार के लोग उसे लेने के लिए जेल पहुंचे थे। जेल के गेट से रामपाल मुस्कुराता हुआ निकला। पढ़ें पूरी खबर…
रामपाल को सत्संग करने की मनाही:सोनीपत आश्रम में ही रहेगा; 2 भक्त जमानत मिलने के बाद भी 11 साल जेल में साथ रहे
