हरियाणा में भाजपा के राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने एक दावा किया कि हरियाणा में जातिवाद की शुरुआत चौधरी देवीलाल ने की थी। जातिवाद को खाद बीज देकर पोषित करने का काम ओमप्रकाश चौटाला ने किया और उसे पीक पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पहुंचाया। रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि जब भूपेंद्र हुड्डा सीएम बना तो चौधरी बंसीलाल से दो-तीन बार मिलने गया। उसके बाद बंसीलाल की यह टिप्पणी थी कि अगर भूपेंद्र हुड्डा कुछ दिन सीएम रह गया तो यह कास्ट वॉर करवाएगा। उसी का परिणाम था 2016 में आरक्षण आंदोलन। कांग्रेस में जब तक भूपेंद्र हुड्डा है, कांग्रेस कभी उभर नहीं सकती। सर छोटूराम के समय बनी जाटों की एंटी कांग्रेस विचारधारा रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि जाट पहले एंटी कांग्रेसी थे और कांग्रेस का वोट बैंक ओबीसी, दलित व ब्राह्मण था। जाटों की विचारधारा सर छोटूराम के समय ही कांग्रेस विरोधी बनी थी। आज ओबीसी व दलित वोट बैंक भाजपा की तरफ शिफ्ट हो गया है और भविष्य में भी रहेगा। क्योंकि अब दलित व ओबीसी वर्ग जागरूक हो चुका है। भजन लाल ने आरक्षण पर की बड़ी चोट रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि हरियाणा में 33 से 35 प्रतिशत तक ओबीसी वर्ग है। लेकिन पूर्व सीएम भजन लाल ने बड़ी चालाकी से आरक्षण पर चोट करते हुए वर्गीकरण कर दिया। ओबीसी में ए व बी कैटेगरी बना दी और नौकरी में क्लास थ्री व फॉर के लिए सीमित कर दिया। क्लास वन व टू के लिए मात्र 10 प्रतिशत पर बाउंड कर दिया। भूपेंद्र हुड्डा ने 10 को बढ़ाकर 15 किया रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि भजन लाल ने जहां क्लास वन व टू की नौकरी में 10 प्रतिशत पर बाउंड किया, वहीं भूपेंद्र हुड्डा ने 2014 चुनाव से पहले 27 प्रतिशत करने की बजाय 5 प्रतिशत बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया, जिसमें 10 प्रतिशत ओबीसी ए व 5 प्रतिशत ओबीसी बी कैटेगरी के लिए रखा गया। भाजपा सरकार से भी बड़ी डिमांड रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि ओबीसी की कैटेगरी ए में 42 जातिया व बी में 5 जातिया है। जब क्लास थ्री व फॉर में 16 व 11 प्रतिशत आरक्षण है तो क्लास वन व टू में क्यों नहीं हो सकती। विडंबना है कि भाजपा भी अब तक इसे नहीं कर पाई है और यह सीएम नायब सैनी से बड़ी डिमांड है।
रोहतक में राज्यसभा MP रामचंद्र जांगड़ा का दावा:चौधरी देवीलाल ने की जातिवाद की शुरुआत; भूपेंद्र हुड्डा ने इसको पीक पर पहुंचाया
