सांसद सिकंदर ने राज्यसभा में उठाया युवाओं के पलायन का मुद्दा, ‘वर्क फ्रॉम हिमाचल’ मिशन की मांग

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सांसद डॉ. सिकंदर ने कहा कि हिमाचल में प्रतिभा की कोई कमी नहीं, बल्कि अवसरों की कमी है। यदि प्रदेश में उद्योग और आधुनिक व्यवसायों के लिए बेहतर वातावरण बनाया जाए तो हमारे युवा अपने ही राज्य में सम्मानजनक रोजगार पा सकते हैं और पलायन रुक सकता है। उन्हाेंने केंद्र सरकार से ‘स्टार्ट-अप मिशन’ और ‘वर्क-फ्रॉम-हिमाचल मिशन’ शुरू करने की मांग की, ताकि आईटी सर्विस, ई-कॉमर्स, छोटे उद्योग और पर्यटन से जुड़े कारोबारी मॉडल को गति मिल सके। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल और हेल्थ टेक जैसे क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षण देना बेहद जरूरी है। इसलिए हर जिले में नए स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किए जाएं।

उन्होंने पर्यटन क्षेत्र को भी नए दृष्टिकोण से विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन को केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि एडवेंचर टूरिज्म, इको-टूरिज्म और होमस्टे सेक्टर को डिजिटल प्लेटफॉर्म और बेहतर नियमों से जोड़ा जाए, जिससे हजारों युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके। उन्होंने इन तमाम मसलों पर केंद्र सरकार से गम्भीरता से विचार करने का आग्रह किया, जिससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार मिले, स्थानीय अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़े और पलायन रुक सके।