MP में बारिश का सिस्टम…अगले 4 दिन बदला रहेगा मौसम:ग्वालियर समेत 13 जिलों में आज अलर्ट; भोपाल, इंदौर-जबलपुर भी भीगेंगे

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मध्य प्रदेश में बुधवार से आंधी-बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इस वजह से प्रदेश में अगले 4 दिन तक मौसम बदला रहेगा। तेज गर्मी की बजाय कहीं आंधी चलेगी तो कहीं पानी गिरेगा। गरज-चमक या बादल भी छा सकते हैं। ग्वालियर समेत 13 जिलों में बुधवार को अलर्ट है। 21 मार्च तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी मौसम बदलने का अनुमान है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, उत्तर-पश्चिम भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो गया है। जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। इसलिए 19 से 21 मार्च तक प्रदेश में बारिश होगी। 5 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को एमपी के ऊपर पश्चिम-उत्तरी हिस्से में पांच साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव रहे। वहीं, दक्षिण-पूर्वी हिस्से में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस का भी असर रहा। इस वजह से ग्वालियर-चंबल के कुछ जिलों में बादल छाए रहे और दिन के तापमान में गिरावट देखी गई। तापमान की बात करें तो खरगोन में ही पारा सबसे ज्यादा 38.6 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 38.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 38 डिग्री, रायसेन में 37.6 डिग्री, मंडला में 37.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.2 डिग्री और खंडवा में तापमान 37.1 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में जबलपुर में सबसे ज्यादा 36.1 डिग्री रहा। वहीं, भोपाल में 35.2 डिग्री, इंदौर में 34.9 डिग्री, उज्जैन-ग्वालियर में 35.5 डिग्री दर्ज किया गया। फरवरी में 4 बार ओले गिरे, मार्च में पहली बार अनुमान
इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। इसी बीच अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग की माने तो इस सीजन मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो रहा है। जिसका असर लगातार 4 से 5 दिन तक बने रहने के संकेत हैं। ये सिस्टम प्रदेश के सभी हिस्सों से गुजरेगा। इस कारण कहीं बारिश, आंधी, गरज-चमक तो कहीं बादल छाए रहेंगे।
22 मार्च के बाद फिर से तेज गर्मी पड़ेगी
सिस्टम गुजरने के बाद 22 मार्च से फिर से तेज गर्मी पड़ेगी। यानी, मार्च का आखिरी सप्ताह तेज गर्मी वाला रह सकता है। बता दें कि मध्यप्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है, जबकि रात में 14 से 20 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। नर्मदापुरम में लगातार तीन दिन तक पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। अप्रैल-मई में चलेगी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अबकी बार अप्रैल और मई में हीट वेव यानी, लू चलेगी। 15 से 20 दिन तक लू चल सकती है। मार्च के दूसरे सप्ताह में नर्मदापुरम में लगातार 3 दिन तक तीव्र लू वाला मौसम रहा। मौसम विभाग ने बताया कि मार्च के आखिरी सप्ताह से लू का असर दिखाई देने लगेगा। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड… भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पारा इंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है। ग्वालियर में गर्मी, ठंड-बारिश का ट्रेंड मार्च महीने में ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है। 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया था, जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी। जबलपुर में मार्च की रातें रहती हैं ठंडी जबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है, जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है। उज्जैन में दिन रहते हैं गर्म, 6 दिन बारिश का ट्रेंड भी
उज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।