हरियाणा के अंबाला निवासी 35 वर्षीय दीपक की बागपत में गला रेतकर हत्या कर दी गई। उसके बाद शव को पूर्वी यमुना नहर में फेंक दिया। दीपक चार दिन पहले ड्यूटी के लिए बागपत निकले थे, लेकिन नहीं पहुंचे। शुक्रवार देर रात बागपत पुलिस ने परिवार को सूचना दी। मर्डर किसने किया और क्यों किया, इसका अभी खुलासा नहीं हुआ है। देर रात ही परिवार अंबाला से बागपत रवाना हो गया। दीपक रेलवे में सीनियर टेक्निशियन के पद पर कार्यरत थे। उनकी ड्यूटी बागपत थी। जबकि परिवार अंबाला के दिलीपगढ़ में रहता है। बड़ौत पुलिस को नहर की झाल से मिला शव
बागपत के किशनपुर बराल गांव में पूर्वी यमुना नहर की झाल के पास 8 जनवरी को शव मिला। गले पर धारदार हथियार से गहरा घाव है और शरीर पर भी चोट के कई निशान मिले। इन गंभीर चोटों को देखकर हत्या की आशंका जताई गई। शिनाख्त न होने पर चार टीमें गठित
पुलिस ने शव की शिनाख्त के प्रयास शुरू किए। दो दिन तक शव की पहचान नहीं हो सकी। जिसके बाद चार टीमें गठित की गई। बागपत के एसपी सूरज राय और बड़ौत के सीओ विजय कुमार ने खुद घटनास्थल का मुआयना किया। संपर्क न होने से परिवार परेशान था
इधर, अंबाला में परिवार परिवार था कि दीपक से संपर्क नहीं हो पा रहा। परिवार ने बागपत में रेलवे में संपर्क किया। हालांकि वहां से ज्यादा जानकारी नहीं मिली। यही बताया गया कि दीपक ड्यूटी पर नहीं आए हैं। जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई। फोटो से हुई पहचान
बड़ौत सीओ विजय कुमार ने बताया कि शव की शिनाख्त के लिए फोटो कई थानों में भेजी गई। मीडिया व सोशल मीडिया में भी फोटो जारी की गई। जिसके बाद पता चला कि मरने वाला अंबाला का है। तोपखाना पुलिस चौकी ने परिवार को दी सूचना
बड़ौत पुलिस ने शुक्रवार देर शाम अंबाला कैंट की तोपखाना पुलिस चौकी को सूचना दी। इसी चौकी के अधीन दलीपगढ़ पड़ता है, जहां दीपक का परिवार रहता है। उसके बाद पुलिस ने संबंधित एरिया के एमसी को सूचना दी। तब परिवार को पता चला। परिवार रात में ही बागपत निकला
जैसे ही परिवार को दीपक की मौत की सूचना मिली, रो-रोकर बुरा हाल हो गया। यहां परिवार में दीपक की पत्नी, तीन बच्चों के अलावा मां व भाई रहते हैं। बड़ी बेटी खुशी 8वीं क्लास में पढ़ती है। परिवार के सदस्य रात में ही बागपत के लिए निकल गए।
अंबाला के रेलवे टेक्निशियन की बागपत में गला रेतकर हत्या:4 दिन पहले ड्यूटी पर गए; मर्डर के बाद शव को यमुना में बहाया, अब शिनाख्त
