राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच बुधवार को बहस हो गई। निलंबित सांसदों के साथ प्रदर्शन कर रहे राहुल ने बीजेपी सांसद बिट्टू को गद्दार कहा। बिट्टू ने जवाब में राहुल को देश का दुश्मन बताया। राहुल पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक लेकर संसद पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि अगर आज पीएम आए तो वे उन्हें यह किताब देंगे। कांग्रेस के कुछ सांसदों ने बजट सत्र के छठे दिन संसद के मकर द्वार के पास प्रदर्शन किया। इसी दौरान राहुल गांधी ने रवनीत सिंह बिट्टू को पास से गुजरते देखकर कहा कि देखो एक गद्दार आ रहा है, देखिए इसका चेहरा। राहुल गांधी ने हाथ मिलाने की पेशकश करते हुए कहा कि हैलो भाई, मेरे गद्दार दोस्त। चिंता मत करो, आप वापस (कांग्रेस में) आ जाओगे। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने हाथ नहीं मिलाया। उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि देश के दुश्मनों से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। 4 तस्वीरों में देखे राहुल-बिट्टू की बहस… लोकसभा में नरवणे की किताब के अंश पढ़ना चाहते हैं राहुल
लोकसभा में दो दिन से पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक पर हंगामा हो रहा है। इसके चलते कई बार सदन स्थगित हो चुका है। राहुल इस किताब के अंश लोकसभा में पढ़ना चाहते हैं। स्पीकर ओम बिरला ने इसकी इजाजत नहीं दी है।
रवनीत सिंह बिट्टू पहले कांग्रेस में थे रवनीत सिंह बिट्टू 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हुए थे। इससे पहले वे तीन बार कांग्रेस सांसद रह चुके हैं। वे पहली बार 2009 में आनंदपुर साहिब से लोकसभा के लिए चुने गए थे। इसके बाद 2014 और 2019 में उन्होंने लुधियाना से जीत हासिल की। 2024 लोकसभा में उन्होंने लुधियाना से पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग के खिलाफ चुनाव लड़ा और करीब 20 हजार वोटों से हार गए। चुनाव हारने के बावजूद उन्हें केंद्र सरकार में राज्यसभा सदस्य और मंत्री बनाया गया और रेल तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई। बिट्टू ने दो साल पहले राहुल को गद्दार कहा था यह पहली बार नहीं है जब रवनीत सिंह बिट्टू और राहुल गांधी के बीच बयानबाजी देखने को मिली है। सितंबर 2024 में बिट्टू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। बिट्टू ने अमेरिका में सिखों को लेकर राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि राहुल गांधी ने सिखों को बांटने की कोशिश की है। सिख किसी पार्टी से जुड़े नहीं हैं। यह चिंगारी लगाने की कोशिश है। राहुल गांधी देश के नंबर वन टेररिस्ट हैं।
