ज्ञापन में कहा गया कि काशी जैसे आस्था के प्रतीक शहर में आज भी जलभराव, ध्वस्त सीवर व्यवस्था, जाम, सफाई संकट आम हैं। जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांति पूर्ण पदयात्रा कर इन समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान खींचने का प्रयास किया, तो प्रशासन ने 10 जुलाई को कांग्रेस पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया। यह लोकतंत्र का दमन है। नगर की समस्याओं को भी ज्ञापन में प्रमुखता से उठाया गया।
नगर अध्यक्ष अनुज शर्मा ने एसडीएम को बताया कि मुख्य बाजार आज भी जर्जर सड़कों, टूटी नालियों और गंदगी से जूझ रहा है। सफाई व्यवस्था लगभग ठप है, जिससे स्थानीय व्यापारी और नागरिक दोनों त्रस्त हैं। मथुरा प्रसाद कुशवाहा पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना अपराध नहीं, बल्कि कर्तव्य है। जब सरकार जनता की आवाज सुनने के बजाय उसे कुचलने लगे, तो समझिए व्यवस्था भय में है। हम इस दमन का मुंहतोड़ जवाब देंगे। नगर अध्यक्ष पंडित अनुज शर्मा ने बताया कि कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रदेश सरकार शीघ्र फर्जी एफआईआर वापस नहीं लेती और सादाबाद की जनसमस्याओं पर संज्ञान नहीं लेती, तो कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से उग्र आंदोलन की राह अपनाएंगे। ज्ञापन सौंपने के अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें मथुरा प्रसाद कुशवाहा, अनुज शर्मा, जितेन्द्र गौतम, जैनुद्दीन साहब जिला उपाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष संतोष शर्मा, हरिमोहन शर्मा, दिनेश चौधरी, एनएसयूआई अध्यक्ष विकास चौधरी, हरेंद्र गुप्ता, रवि मोहम्मद, आरपी दीक्षित, लोकेश चौधरी, करण कुशवाहा, सोनू कुरैशी, असलम, लोकेश नागर आदि शामिल रहे।
वाराणसी में प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सहित 10 कार्यकर्ताओं पर दर्ज एफआईआर काे लेकर जताया विराेध
