जींद : किसानों और मजदूरों ने निकाला ट्रैक्टर मार्च

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किसान नेताओं ने कहा कि भारत पर अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा थौंपे गए 25 प्रतिशत टैरिफ को भारत की संप्रभुता पर हमला मानता है और इसका कड़ा विरोध करता है। नवंबर 2024 में घोषित नेशनल पॉलिसी फ्रेमवर्क ऑन एग्रीकल्चरल मार्केटिंग का उद्देश्य मंडियों, सरकारी मार्केट यार्डों का निजी पूंजी के साथ पीपीपी मोड में आधुनिकीकरण करना है। इसमें अनाज की हैंडलिंग, भंडारण और फूड प्रोसेसिंग का मशीनीकरण शामिल है।

सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी हो और सरकारी खरीद सुनिश्चित की जाए। समग्र कर्ज माफी हो। माइक्रो फाइनेंस कंपनियों द्वारा उत्पीडऩ बंद हो। माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं के एजेंट पूर्वजों जैसे सूदखोर जमींदारों की तरह व्यवहार कर रहे हैं। एमएफआई भारतीय रिजर्व बैंक के पैसे से ऋ ण देकर व्यापार कर रही है। गहरे कृषि संकट के कारण लोग अत्यंत गरीब हैं और ऋ ण चुकाने में असमर्थ हैं। संयुक्त किसान मोर्चा जनता से अपील करता है कि अन्नदाता का सम्मान और प्रतिष्ठा लौटाएं। कानून बना कर गांवों में उत्पादक सहकारी समितियों की स्थापना की जाए जो किसान और कृषि श्रमिक परिवारों को बिना ब्याज कर्ज दें और एमएफआई ऋ ण प्रणाली को चार प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर सख्ती से नियंत्रित किया जाए।