सालासर धाम के पुजारियों ने मांगी माफी:राजस्थान से हिसार पहुंचे, 21 सदस्यीय कमेटी से कहा- सिस्टम सुधारेंगे, मारपीट प्रकरण सुलझा

Spread the love

राजस्थान के सालासर मंदिर में हुई हिसार के श्रद्धालुओं से मारपीट के बाद बढ़ा विवाद अब शांत हो गया है। आज (शनिवार) शाम को मंदिर के पुजारियों और हिसार में मामले को लेकर बनी 21 सदस्यीय कमेटी के बीच एक मीटिंग हुई। मीटिंग में मंदिर के पुजारियों ने पीड़ित परिवार से माफी मांगी और घटना पर खेद जताया। मंदिर के पुजारियों ने आश्वासन दिया है कि, वह सालासर धाम के सिस्टम में जो कमी रह गई है, उसे सुधारेंगे और वहां बाउंसर सिस्टम को खत्म किया जाएगा। इसके बाद पीड़ित परिवार भी संतुष्ट नजर आया। खास बात यह रही कि गुपचुप तरीके से यह पूरी बैठक हिसार के प्रयागगिरी सनातन धर्म मंदिर में रखी गई। इस मौके पर सालासर धाम के पुजारियों ने कुछ भी कहने से मना कर दिया। वहीं, 21 मेंबरी कमेटी ने कहा कि पीड़ित परिवार की संतुष्टि हो गई और मंदिर प्रशासन ने भी अपनी गलती स्वीकार कर ली है। कन्हैया मित्तल के कार्यक्रमों का बहिष्कार करेंगे बैठक के बाद कमेटी के मेंबर राजेंद्र चुटानी, बजरंग दास गर्ग, अक्षय मलिक सहित कई लोगों ने कहा कि, पुजारियों व परिवार के बीच जो विवाद था सुलझ गया है, मगर कन्हैया मित्तल से हिसाब-किताब करना बाकी रह गया है। हिसार में कन्हैया मित्तल का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। उसे कार्यक्रमों में नहीं बुलाया जाएगा और यदि किसी कार्यक्रम में भजन गायक कन्हैया मित्तल आएगा तो उसका विरोध किया जाएगा। पीड़ित परिवार के मुखिया संजय अरोड़ा ने कहा कि कन्हैया मित्तल पर वह जल्द कानूनी कार्रवाई करेंगे, इसे लेकर कमेटी एक बैठक करेगी। पुजारियों ने कहा- कन्हैया मित्तल से कोई लेना देना नहीं वहीं, 21 मेंबरी कमेटी ने बताया कि बैठक में सालासर धाम से 12 पुजारी तीन गाड़ियों में आए थे। सभी ने कहा कि इस मामले में उन्होंने भजन गायक कन्हैया मित्तल को कभी मध्यस्थता के लिए नहीं कहा। उन्होंने बताया कि उनका कन्हैया मित्तल से इस प्रकरण को लेकर कभी कोई संपर्क नहीं हुआ। उनका कन्हैया मित्तल से कोई लेना-देना नहीं है।