‘मेरे समाज की बेटी सपाई गुंडों की शिकार बनी’:पूजा पाल बोलीं- वह अखिलेश यादव की जाति की नहीं थी, यही उसका कसूर

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सपा के गुर्गों का शिकार पाल समाज की एक बेटी बनी है। पाल समाज की मासूम बिटिया का सिर्फ इतना ही दोष है कि वह अखिलेश यादव की जाति से नहीं है। आरोपियों को सपा का पूरा संरक्षण प्राप्त है। जैसे-जैसे 2027 का चुनाव नजदीक आ रहा, वैसे-वैसे सपाई गुंडे ओबीसी समाज की विभिन्न जातियों पर हमले तेज कर रहे हैं। पूरे प्रदेश में सपा समर्थित अपराधी आतंक मचा रहे हैं। यह बात सपा से निष्कासित विधायक पूजा पाल ने शनिवार को कही। सपा पर कई बड़े आरोप लगाते हुए कौशांबी की चायल सीट से विधायक पूजा पाल ने 2 मिनट 21 सेकेंड का एक वीडियो शेयर किया। पढ़िए पूजा पाल ने और क्या कहा 1- बाराबंकी में सेना के जवान को सपाइयों ने पीटा
पूजा पाल ने कहा- हाल ही में लालापुर गांव में पाल समाज की माताओं-बहनों के साथ घरों में घुसकर मारपीट की गई। बाराबंकी में सेना के एक जवान को सपा कार्यकर्ताओं ने सरेआम पीटा। यह ‘सपा का ल्यारी राज’ है। चुनाव से पहले सपा के गुंडे यूपी में लोगों को धमका रहे हैं। ओबीसी समाज को प्रताड़ित कर रहे हैं। 2- यूपी का सौभाग्य, हमारे राज्य में धुरंधर मुख्यमंत्री
अखिलेश यादव ने सपाई गुंडों को पूरी छूट दे रखी है। उनका मौन समर्थन जारी है। यूपी का यह सौभाग्य और सपा गिरोह का दुर्भाग्य है कि हमारे राज्य में एक धुरंधर मुख्यमंत्री हैं। 3- पाल समाज की लड़ाई, मेरी लड़ाई
पूजा पाल ने सरकार और प्रशासन से अपील की कि पाल समाज की बेटी को जल्द न्याय मिले। कहा- मैंने पूरी जिंदगी पाल समाज की लड़ाई लड़ी है। आगे भी लड़ती रहूंगी। इन सपाई गुंडों के सामने न तब झुकी थी और न अब झुकूंगी। पाल समाज की लड़ाई मेरी लड़ाई है। कौशांबी में हुई थी पाल समाज की लड़की की हत्या कौशांबी जिले के चक सहाबुद्दीनपुर गांव की रहने वाली किरन पाल (19) की 5 अप्रैल, 2026 की शाम हत्या कर दी गई थी। आरोप है, हत्या के बाद शव को पेड़ से लटकाकर आत्महत्या दिखाने की कोशिश की गई। लड़की की मां कमला ने बताया कि सुबह उनकी भैंस गांव के बब्बू यादव के गेहूं के खेत में चली गई थी। इस पर बब्बू यादव और उसके परिवार के लोगों ने भैंस बांध ली थी। घर पहुंचकर मारपीट की, साथ ही हर्जाना मांगा। हम लोग हर्जाना देने को तैयार थे। लेकिन, वो लोग बार-बार हमारी बेटी किरन को सामने लाने का दबाव बना रहे थे, क्योंकि भैंस उसी से छूटकर खेत में गई थी। शाम को किरन नदी की ओर गई थी। उसी दौरान बब्बू यादव, ओमप्रकाश यादव, विनय यादव, धर्मेंद्र यादव, आर्यन यादव, सुहार यादव और भंवर यादव ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। शव को पेड़ से लटका दिया। किरन के घर न लौटने पर हम लोग उसकी तलाश में निकले। फिर घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। गांव में 80 घर यादवों के, सिर्फ 4 घर पाल समाज के
पुलिस ने शुरुआत में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की थी। आरोपी पक्ष के परिवार से ही गांव का प्रधान भी है। घटना का पता चलने पर स्थानीय विधायक पूजा पाल 6 अप्रैल को पीड़ित परिवार के घर पहुंचीं। चक सहाबुद्दीनपुर गांव में करीब 80 घर यादव समाज के हैं, जबकि पाल समाज के सिर्फ 4 परिवार रहते हैं। पूजा पाल के सक्रिय होने के बाद करारी थाने की पुलिस हरकत में आई और एफआईआर दर्ज की। शनिवार को एक बार फिर पूजा पाल डीएम के साथ मौके पर पहुंचीं। शासन की ओर से परिवार को 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का चेक दिया। एयरफोर्स की तैयारी कर रही थी किरन
किरन की बड़ी बहन रश्मि की शादी 27 अप्रैल को होनी है। रश्मि ने बताया- किरन 12वीं पास थी। वह एयरफोर्स की तैयारी कर रही थी। गांव में यादव परिवारों का दबदबा है। वे जब चाहें, मारपीट करने आ जाते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक सिर्फ 3 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, जबकि अन्य फरार हैं। ————————— ये खबर भी पढ़िए- मेरठ- बेटी की लाश के साथ 4 महीने रहा पिता, परफ्यूम डालकर बदबू मिटाता था मेरठ में एक पिता बेटी की लाश के साथ 4 महीने तक घर में रहा। लाश बुरी तरह से सड़ चुकी थी। बेटी टीचर थी, उसके साथ रहने की जिद में पिता उससे अलग नहीं होना चाहता था। वह लाश की बदबू छिपाने के उस पर परफ्यूम स्प्रे करता रहा। लड़की की पूरी बॉडी कंकाल बन चुकी थी, सिर्फ पैर ही बचा था। मामला सदर बाजार के तेली मोहल्ले का है। पूरी खबर पढ़िए