झज्जर शहर के सेक्टर-9 में भगवान परशुराम भवन की आधारशिला कार्यक्रम उस समय विवादों में आ गया, जब ब्राह्मण महासभा के जिला महासचिव एवं भाजपा नेता संत सुरेहती और उनके बेटे के साथ जमकर मारपीट हुई। इस घटना ने न सिर्फ सियासी माहौल गरमा दिया है, बल्कि ब्राह्मण समाज में भी गहरी नाराजगी पैदा कर दी है। मामले में बादली विधायक कुलदीप वत्स पर आरोप लगाए गए हैं, हालांकि उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। अब पूरा मामला पुलिस जांच के दायरे में है। समाज पर हमला- पंडित कौशिक गांव दूबलधन निवासी पंडित हरि शमशेर कौशिक, जो वर्ल्ड ब्राह्मण ऑर्गनाइजेशन से जुड़े हैं, ने घटना को पूरे समाज पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति के साथ नहीं, बल्कि समस्त ब्राह्मण समाज के साथ मारपीट है। उन्होंने मांग की, कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और समाज के लोगों को ऐसी मानसिकता रखने वालों का बहिष्कार करना चाहिए। ओपन हाउस मीटिंग, CM से मिलने की तैयारी कौशिक ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर जल्द ही एक ओपन हाउस मीटिंग बुलाई जाएगी। इसमें समाज के लोग मिलकर आरोपियों के सामाजिक बहिष्कार का फैसला करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री से मिलकर दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की जाएगी। समाज उन्हें भी माफ नहीं करेगा कौशिक ने स्पष्ट कहा कि अगर इस घटना में कुलदीप वत्स या उनके भाई-रिश्तेदार शामिल पाए गए, तो समाज उन्हें भी माफ नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अगर उनके परिवार का कोई सदस्य दोषी है, तो कुलदीप वत्स को खुद आगे आकर उन पर कार्रवाई करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर यह किसी की निजी लड़ाई है तो वह अलग बात है, लेकिन भगवान परशुराम की आधारशिला के दौरान हुआ यह विवाद पूरे समाज के खिलाफ है। संत सुरेहती का आरोप, पहले से था प्लान ब्राह्मण महासभा के जिला महासचिव एवं भाजपा नेता संत सुरेहती ने आरोप लगाया कि यह हमला पहले से सुनियोजित था। वीडियो में साफ दिख रहा है कि मंच पर खड़े लोग सब कुछ देख रहे थे, मारपीट करने वालों में विधायक के भाई और रिश्तेदार शामिल थे। कुछ बाहरी लोग भी घटना में शामिल थे, जिनका कार्यक्रम से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुलदीप वत्स कार्यक्रम में गुंडे लेकर आए थे। पुलिस को लिखित शिकायत, वीडियो सबूत तैयार संत सुरेहती ने बताया कि उन्होंने पुलिस को लिखित शिकायत दे दी है, जिसमें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि वीडियो सबूत भी पुलिस को दिए जाएंगे। कुछ वीडियो पहले से ही पुलिस और मीडिया के पास मौजूद हैं, जबकि कुछ वीडियो वे खुद उपलब्ध कराएंगे। कुलदीप वत्स का पलटवार, सबूत दे बादली विधायक कुलदीप वत्स ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया। संत को हर जगह सिर्फ कुलदीप वत्स ही दिखाई देता है, अगर उनके आरोपों में सच्चाई है, तो सबूत पेश करें। मेरा पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है।उन्होंने कहा कि वह ऐसे व्यक्ति को गंभीरता से नहीं लेते, जिसका कोई जनाधार नहीं है और जो मेंबरी तक का चुनाव नहीं जीत सका। कुलदीप वत्स ने बिना नाम लिए पूर्व विधायक नरेश शर्मा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2012 से कुछ लोगों को सिर्फ उनका नाम ही दिखता है और उन्हें उनके अलावा कुछ नहीं दिखाई देता। समाज से कोई बड़ा नहीं- धनखड़ भाजपा नेता ओम प्रकाश धनखड़ ने भी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि समाज से कोई बड़ा नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो भी इस घटना में दोषी है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह कोई भी हो। सामाजिक आयोजन में हिंसा पर उतारू होना ठीक नहीं है। सभ्य समाज में पूरी तरह से यह अमान्य और अस्वीकार्य है। धनखड़ ने कहा कि पीड़ित पक्ष की शिकायत पर आरोपियों की ठीक से पहचान कर कानून को पूरी सख्ती से अपना कार्य चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी असामाजिक हरकत करने की हिम्मत न रहे। कानून पर टिकी उम्मीद इस घटना के बाद अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है। पीड़ित पक्ष की ओर से शिकायत दी जा चुकी है और वीडियो भी सामने आ रहे हैं। अब देखना होगा कि जांच में किनकी पहचान होती है, कौन दोषी ठहराया जाता है और कब तक सच्चाई सामने आती है। फिलहाल पूरा मामला पुलिस और कानून के भरोसे है। समाज में आक्रोश, आस्था को ठेस घटना की समाज के कई लोगों ने निंदा की है। लोगों का कहना है कि अगर कोई आपसी रंजिश थी, तो उसे धार्मिक कार्यक्रम में नहीं लाना चाहिए था। भगवान परशुराम की आधारशिला के दौरान हुआ, यह बवाल आस्था को ठेस पहुंचाने वाला बताया जा रहा है और इससे समाज में भारी नाराजगी है।
भाजपा नेता संत सुरेहती पर हमले से गरमाई राजनीति:झज्जर में परशुराम भवन की आधारशिला बनी विवाद; MLA का पलटवार- सबूत पेश करो
