कन्हैयालाल के परिवार को जल्‍द इंसाफ दिलाए पीएम- पूर्व मुख्‍यमंत्री गहलोत

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गहलोत ने दावा किया कि कन्हैयालाल की हत्‍या के आरोपित भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और उनकी फोटो तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष रहे गुलाबचंद कटारिया के साथ है। गहलोत ने कहा शायद इसलिए आरोपितों को छुड़वाने के लिए भी भाजपा के कार्यकर्ता थाने गए थे। उन्‍होंने कहा कि हत्‍याकांड के तीन चार घंटे में ही हमने आरोपितों को पकड लिया था। हमारी सरकार रहती तो छ‍ह माह के भीतर उन्‍हें सजा हो जाती, लेकिन जांच एनआईए के पास चली गई और अभी तक इस हत्याकांड में 15-20 लोगों के ही बयान हुए हैं, जबकि 166 लोगों के बयान दर्ज होने चाहिए थे। जो मुख्य गवाह हैं, उसको भी ब्रेन हेमरेज हो गया था। हमने तब वहां पर डाक्‍टरों की टीम भेजी थी। अब उसकी पत्नी का कहना है कि वह बयान देने की स्थिति में है, लेकिन कोई बयान तो लेने आए।

गहलोत ने कहा कि हम धर्म के आधार पर राजनीति नहीं करते हैं। गहलोत ने कहा कि इस मामले ने भाजपा नेताओं, यहां तक की प्रधानमंत्री ने भी झूठ बोला कि कन्हैयालाल के परिवार को केवल पांच लाख का मुआवजा मिला, जबकि एक अन्‍य घटना में पीडित एक मुस्लिम को पचास लाख रुपये मुआवजे के तौर पर दिए गए। जबकि सच ये है कि हमारी सरकार ने कन्हैयालाल के परिवार को पचास लाख का मुआवजा दिया था। बाद में लोगों ने कहा कि तुष्टिकरण का ये झूठ भी आपकी हार का एक कारण बना।

गहलोत ने सरकार गिराने के मामले को कोर्ट में चल रहे केस के खारिज होने के संबंध में पूछे गए सवाल पर कहा कि सरकार गिराना प्रैक्टिकल घटना थी और निर्णय थ्योरेटिकल है। उन्होंने कहा कि सरकार गिराने के प्रयास हुए थे, अगर कोई घटना हो जाती है, तो घटना ही रहती है। गहलोत ने कपासन की घटना का जिक्र करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति को बदहाल बताया।