कुमाऊं की पारंपरिक बैठकी और खड़ी होली की मधुर धुनें वातावरण को सुरमई रंगों से भर देती हैं. ढोल-दमाऊ की थाप और शास्त्रीय रागों पर आधारित होली गीत यहां की खास पहचान हैं. नैनीताल की होली का आनंद स्थानीय लोगों के साथ पर्यटक भी लेते हैं. यहां की होली आपको एक अलग अनुभव देगी. हर कोई पहाड़ के रंगों में रंग जाता है. ऑस्ट्रेलिया से आई पर्यटक डोरीन ने बताया कि वह पहली बार भारत आई हैं और नैनीताल उन्हें बेहद पसंद आया. विनीता ने भावुक होकर कहा कि शायद उनके अच्छे कर्मों का ही फल है कि उन्हें नैनीताल की वादियों में होली मनाने का मौका मिला.
‘मेरे अच्छे कर्मों का फल, जो यहां आई’, होली में अभी से डूबा नैनीताल, थिरकते नजर आए लोग
