हरियाणा के मंत्री की गाई रागनी पर झूमे लोग:अरविंद शर्मा के बोल-चाल बहु घरा, उठले..तन्ने ईब क्यूं देर लगाई; दसूटन में गए थे

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हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा का एक नया और बेहद अनूठा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक पारंपरिक कार्यक्रम के दौरान माइक संभालकर हरियाणवी रागनी गाते नजर आ रहे हैं। बहादुरगढ़ के मांडौठी गांव में आयोजित एक ‘दसौटन’ (दसूटन) कार्यक्रम में पहुंचे डॉ. शर्मा लोक संगीत की धुन सुनकर खुद को रोक नहीं पाए और करीब डेढ़ मिनट तक रागनी गाकर पूरे माहौल को सांस्कृतिक रंग में सराबोर कर दिया। यह पहली बार नहीं है जब मंत्री का गायक रूप सामने आया हो; इससे पहले भी वह ‘जट यमला पगला दीवाना’ जैसे फिल्मी गानों और अपनी पत्नी रीटा शर्मा के साथ भजनों के जरिए अपनी कलात्मक रुचि का परिचय दे चुके हैं। मांडोठी गांव में दसौटन कार्यक्रम में पहुंचे मंत्री
कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा गुरुवार को बहादुरगढ़ के गांव मांडौठी में आयोजित सरपंच नीलेश घर कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां सरपंच नीलेश के सुपुत्र निवांश के दसौटन कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने राजबीर उर्फ राजू पहलवान व उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं और नवजात शिशु के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मंत्री अरविंद शर्मा की आवाज और हरियाणवी अंदाज ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। “यह मेरी अपनी टोन है” – मंत्री अरविंद शर्मा
रागनी गाने से पहले डॉ. अरविंद शर्मा ने मंच से कहा कि यह रागनी उन्होंने अपने शब्दों और अपनी टोन में गाई है। उन्होंने हंसी-मजाक के अंदाज में कहा कि “राजू ने तो बहुत ज्यादा हंगा लगा दिया, इतना नहीं लगेगा।” उनकी यह सहजता और आत्मीयता लोगों को खूब भायी।
ग्रामीण बुजुर्गों ने भी ताल से ताल मिलाई
जब मंत्री रागनी गा रहे थे, तब सामने बैठे ग्रामीण बुजुर्ग भी तालियां बजाते और सुर में सुर मिलाते नजर आए। डॉ. शर्मा ने इस दौरान रागनी के दो अंतरे गाए। यह पूरा दृश्य ग्रामीण संस्कृति और लोक परंपरा की खूबसूरत झलक पेश करता दिखा। दसौटन क्या होता है?
दसौटन हिंदू संस्कृति में बच्चे के जन्म के बाद मनाई जाने वाली एक पारंपरिक रीति है। यह आमतौर पर शिशु के जन्म के दसवें दिन आयोजित की जाती है। इस दिन मां और नवजात स्नान कर शुद्धि प्राप्त करते हैं और सौरी से बाहर आकर घर के अन्य हिस्सों में प्रवेश करते हैं। परिवार और समाज की महिलाएं इस अवसर पर गीत-संगीत और आशीर्वाद देती हैं। पहले भी कई मंचों पर दिखा है गायन का अंदाज
यह पहला मौका नहीं है जब डॉ. अरविंद शर्मा ने मंच पर गायन किया हो। इससे पहले पंचकुला में आयोजित मैंगो मेले में उन्होंने ‘जट यमला पगला दीवाना’ गीत गाया था। वहीं गोहाना में एक कीर्तन के दौरान उन्होंने अपनी पत्नी रीटा शर्मा के साथ मिलकर भजन भी प्रस्तुत किया था।
परशुराम जयंती में रीटा शर्मा का भजन भी हुआ था वायरल
करीब छह महीने पहले रोहतक के पहरावर गांव में आयोजित राज्य स्तरीय परशुराम जयंती कार्यक्रम में मंत्री की धर्मपत्नी रीटा शर्मा ने भजन गाया था। उनका भजन और दंपती द्वारा गाया गया प्यार भरा गीत भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।
गायन का पुराना शौक, हरियाणवी संस्कृति से गहरा लगाव
डॉ. अरविंद शर्मा को गायन का शौक बचपन से रहा है। वे हरियाणवी संस्कृति को अपना गौरव मानते हैं। जागरण, सामाजिक कार्यक्रमों और सांस्कृतिक आयोजनों में वे पहले भी कई बार रागनी और भजन गा चुके हैं। जब भी मौका मिलता है, वे लोक संगीत के माध्यम से लोगों से जुड़ते नजर आते हैं। विधानसभा में की थी दादा गौतम पर टिप्पणी, हुआ था विवाद राजनीतिक मंच पर भी डॉ. शर्मा अपनी टिप्पणियों के लिए चर्चा में रहते हैं। विधानसभा सत्र के दौरान उन्होंने भाजपा की जीत पर खुशी जताते हुए गोहाना की जलेबियां का जिक्र किया था। इस पर सफीदों से भाजपा विधायक राजकुमार गौतम ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अब जलेबियां में पहले जैसी बात नहीं रही। जवाब में डॉ. शर्मा ने कहा था, “दादा गौतम के नाम की चर्चाएं होती हैं, वे तो शर्त लगाकर 10 किलो गोबर तक पी गए थे।” इस टिप्पणी पर विवाद हुआ, लेकिन बाद में डॉ. शर्मा ने सफाई दी थी। अब पढ़िए…हरियाणा के किन-किन नेताओं ने गायन किया है… एक साल पहले हरियाणा के 2 मंत्रियों का सिंगर वाला अंदाज नजर आया था। हरियाणा सरकार में राजस्व मंत्री विपुल गोयल और खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेश नागर शोले फिल्म के जय-वीरू बन गए। हाथ में माइक थामकर वह ‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे’ पर जुगलबंदी करते दिखे। मौका था फरीदाबाद के सेक्टर 21 स्थित जिमखाना क्लब का, जहां मंत्री नागर ने ही कार्यक्रम रखा था। जिसमें विपुल गोयल को भी बुलाया गया था। गाने के दौरान दोनों एक-दूसरे को इशारे कर ‘तेरा साथ न छोड़ेंगे’ भी गुनगुनाते रहे। उनके ये वीडियो भी काफी वायरल हुए थे। अनिल विज भी गा चुके गाना करीबन 10 महीने पहले हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने गीत गुनगुनाते हुए विपक्ष पर हमला किया है। अनिल विज एक होटल में मीडिया कर्मियों से विपक्षियों के बारे में बात कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक गीत गा दिया। उन्होंने कहा है कि, “जब भी जी चाहे नई दुनिया बसा लेते हैं लोग, एक चेहरे पर कई चेहरे लगा लेते हैं लोग।”
जब विज ने ‘रमैय्या वस्तावैय्या, मैंने दिल तुझको दिया” गाया
तीन साल पहले अंबाला कैंट के सुभाष पार्क में बैठ अनिल विज ने समां बांधा। विज ने श्री 420 (1955) मूवी का ‘रमैय्या वस्तावैय्या, रमैय्या वस्तावैय्या, मैंने दिल तुझको दिया’ यह गीत इस कदर गाया कि वहां उपस्थित सभी लोग तालियां बजाते हुए सुर में सुर मिलाते हुए नजर आए। विज ने झूमते हुए गाया कि ‘रमैय्या वस्तावैय्या, रमैय्या वस्तावैय्या, मैंने दिल तुझको दिया’ नैनों में थी प्यार की रोशनी, तेरी आंखों में ये दुनियादारी न थी…, तू और था, तेरा दिल और था, तेरे मन में ये मीठी कटारी ना थी…., मैं जो दुःख पाऊं तो क्या, आज पछताऊं तो क्या, मैंने दिल तुझको दिया….। विज ने बी प्राक के साथ भी विज ने गाया था गाना
वहीं रमैय्या वस्तावैय्या, मैंने दिल तुझको दिया’ यह गीत से पहले पूर्व गृह मंत्री अनिल विज ने मशहूर बॉलीवुड गायक बी प्राक से साथ भी उनकी सुर में सुर मिलाते हुए देश भक्ति का गाना ‘तेरी मिट्टी में मिल जावां’ गाया था। उनका मानना है कि दुख और निराशा को गीत-संगीत से बहुत हद तक दूर किया जा सकता है। बता दें कि गायक बी प्राक द्वारा गए ‘बढ़ते जाना है, इंडिया हंसते जाना है’गीत में भी अनिल विज के वीडियो शामिल किए गए हैं।