इंदौर नगर निगम में बजट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल ने वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया। इसके बाद कांग्रेस ने उनसे किनारा कर लिया। मीडिया ने सवाल पूछे तो रूबीना ने कहा- कांग्रेस पार्टी भाड़ में जाए। ऐसे जब भी मौके आते हैं तो कांग्रेस पल्ला झाड़ लेती है। कांग्रेस पार्टी सिर्फ मुसलमानों का वोट लेने के लिए है। कांग्रेस से कोई अनुबंध थोड़ी न करा रखा है। इंदौर नगर निगम में हुए घटनाक्रम के बाद कांग्रेस पार्टी पार्षदों पर एक्शन लेने से बच रही है। इंदौर शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने एमपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को रुबीना को कांग्रेस से निष्कासित करने के लिए पत्र लिखा। दो दिन बीतने के बाद भी कांग्रेस पार्षद पर एक्शन नहीं ले पाई है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी से जब इस मामले में भोपाल में मीडिया ने सवाल पूछे तो पहले वे किनारा करते नजर आए। जब मीडिया ने बार-बार सवाल दोहराया तो उन्होंने कहा- भारत देश के संविधान में और कांग्रेस के संविधान में देश की आजादी की यात्रा में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के महत्व को किसी को बताने या छिपाने की आवश्यकता नहीं हैं। कांग्रेस पार्टी के हर अधिवेशन में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का अपना महत्व है, हमें किसी से सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। अल्पसंख्यक नेता हमेशा राष्ट्रगीत को सम्मान देते हैं जीतू पटवारी ने कहा कि हमारे जितने भी अल्पसंख्यक के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, राज्यपाल और कई विधायक हुए। ये जब सरकारी कार्यक्रमों में जाते हैं या देश के स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में जाते हैं तो वहां राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान होता है और सब उसका सम्मान करते हैं मैं मानता हूं कि राष्ट्रगान के सम्मान में किसी को न आपत्ति है न थी और न आपत्ति रहेगी। कांग्रेस पार्टी का अलग से वक्तव्य की आवश्यकता ही नहीं हैं। देश के संविधान ने हर नागरिक को अपने जीवन जीने की आजादी दी है, अपने धर्म के आधार पर प्रार्थना की आजादी दी है ये सब हर परिस्थिति में कानून के पालन के साथ सबको करना है। जीतू पटवारी ने कहा- जहां तक कांग्रेस के लिए किसी पार्षद ने कोई बात कही है पार्टी के संज्ञान में है पार्टी उसपर जब निर्णय लेगी तब आपको बता देगी। मीडिया ने पूछा कि कब तक निर्णय लेगी तो पटवारी ने कहा ये मैं आपको बताने के लिए बाध्य नहीं हूं कि कब निर्णय लेगी। जब निर्णय लेगी तब बता देंगे। संगठन प्रभारी बोले- ऐसी भाषा अक्षम्य है इस मामले में कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ संजय कामले ने भास्कर से कहा जिस तरह से उन्होने कहा है कि कांग्रेस पार्टी भाड़ में जाए। ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बयान है। जो लोग कांग्रेस से चुने गए हैं जिन्हें लोगों ने वोट देकर जनप्रतिनिधि बनाया उनकी इस तरह की भाषा है तो ऐसी भाषा अक्षम्य है। इस तरीके की बातें उस दिन को बिल्कुल नहीं होनी चाहिए जिस दिन जनता से जुडे़ मुद्दों पर बहस होनी थी। बजट पेश होना था। किस प्रकार से ऐसी घटना हुई है क्या यह सुनियोजित तरीके से घटना हुई थी इसके पीछे क्या मंशा थी। इतने वरिष्ठ पार्षद जो 10-15 सालों से सदन में जा रहे हैं। अचानक इस तरीके से उत्तेजित होकर बयान देने की क्या आवश्यकता थी? जिसमें आप अपनी पार्टी को ही चुनौती दे रहे हैं। जिस पार्षद ने इस तरह का बयान दिया है वे कम से कम पार्टी की विचारधारा से तो इत्तेफाक नहीं रखतीं अन्यथा कोई भी व्यक्ति कितने भी गुस्से में हो। विपक्ष ने कितना भी उकसाया हो फिर भी ये नहीं कह सकता कि पार्टी भाड़ में जाए। अगर पार्टी भाड़ में जाएगी तो आप लोग कहां जाएंगे। आप लोग भी तो पार्टी का हिस्सा हैं। इसका मतलब हम अपने आप को कोस रहे हैं। ये पूरी तरह से गलत है। इस तरह की चीजें किसी भी राजनीतिक दल के सम्मानित प्रतिनिधियों को शोभा नहीं देती हैं। इसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। जिला अध्यक्ष ने निष्कासन के लिए पत्र भेजा कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ संजय कामले ने कहा- शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने एक पत्र भेजा है जिसमें उन्होंने अनुशासनहीनता की कार्रवाई करने की मांग की है। बल्कि उन्होंने स्पष्ट रूप से उनके निष्कासन की मांग की है। चूंकि पत्र मिला है तो प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रभारी जी से चर्चा करके इस मामले में निर्णय किया जाएगा कि क्या कार्रवाई की जाए। अब पूरा मामला क्या है वो समझिए इंदौर नगर निगम में बुधवार को बजट चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल ने ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार कर दिया। सभापति के निर्देश पर फौजिया ने कहा कि उन्हें वह एक्ट दिखाया जाए, जिसमें ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य बताया गया है। इसके बाद रुबीना से जब सवाल किया गया कि कांग्रेस ने उनके बयान से किनारा कर लिया है तो वह यह सुनते ही भड़क गईं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भाड़ में जाए। ऐसे जब भी मौके आते हैं तो कांग्रेस पल्ला झाड़ लेती है। कांग्रेस पार्टी सिर्फ मुसलमानों का वोट लेने के लिए है। कांग्रेस से कोई अनुबंध थोड़ी न करा रखा है। हम ओवैसी की पार्टी AIMIM में चले जाएंगे। रुबीना ने आगे यह बयान भी दिया है कि कांग्रेस पार्टी जो भी निर्णय लेगी, मुझे स्वीकार होगा। रखेंगे तो ठीक, नहीं रखेंगे या निकाल देंगे तो भी कोई बात नहीं। मैं हर फैसले के लिए तैयार हूं।
इंदौर पार्षद रूबीना मामले में कांग्रेस की चुप्पी:कार्रवाई के सवाल पर पीसीसी चीफ पटवारी बोले- ये बताने के लिए मैं बाध्य नहीं
