ग्वालियर में पीसीसी चीफ पटवारी बोले- हर कलेक्टर चोर:चीफ सेक्रेटरी ने स्वीकारा, सीएम को पद पर रहने का अधिकार नहीं; कहा-पैसे से ही पोस्टिंग मिलती है

Spread the love

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को ग्वालियर दौरे के दौरान भ्रष्टाचार को लेकर तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जिले में “हर कलेक्टर चोर है।” यदि मुख्य सचिव इस बात को स्वीकार करते हैं, तो मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। संभागीय ब्लॉक अध्यक्षों की बैठक को संबोधित करते हुए पटवारी ने कहा कि कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। वार्ड, पंचायत और मंडल कांग्रेस कमेटियों का गठन तेजी से किया जा रहा है। अब तक करीब 7 हजार पंचायत समितियों का गठन हो चुका है। उन्होंने ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और विधानसभा प्रभारियों को बैठक में बुलाकर संगठनात्मक कार्यों को गंभीरता से पूरा करने के निर्देश दिए। मुस्लिम मतदाताओं के नाम काटने के आरोप मुस्लिम मतदाताओं के वोट काटे जाने के आरोपों पर पटवारी ने कहा कि भाजपा ने अपने सभी मंत्रियों को इस काम में लगा दिया है। अब तक 11 लाख से अधिक आपत्तियां दर्ज हो चुकी हैं, जो लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे को राहुल गांधी लगातार देश के सामने उठा रहे हैं। पटवारी ने चुनाव आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भाजपा के दबाव में आकर कोई अनियमितता की गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले में यदि गड़बड़ी पाई गई तो कलेक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई कराई जाएगी। महू में दूषित पानी को लेकर सरकार को घेरा महू में दूषित पानी निकलने के मामले पर पटवारी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में 25 साल से एक ही सरकार है, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सुना था कि पीने के पानी में जहर होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में जहरीले पानी से 25 लोगों की मौत हो चुकी है। एनजीटी के निर्देशों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश का 70 प्रतिशत पानी पीने योग्य नहीं है। पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार पिछले 25 वर्षों में लोगों को शुद्ध पेयजल तक उपलब्ध नहीं करा पाई। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस हर जिले और हर वार्ड में आंदोलन चलाकर लोगों को स्वच्छ पानी दिलाने के लिए संघर्ष करेगी। फूल सिंह बरैया के बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर पटवारी ने कहा कि इस मामले में वे पहले ही अपना स्पष्टीकरण दे चुके हैं। कहा पैसे से ही पोस्टिंग मिलती है PM मोदी को लिखे पत्र को लेकर कहा- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और चीफ सेक्रेटरी दोनों ने यह स्वीकार किया है कि जिले में हर कलेक्टर चोर है हर कलेक्टर पैसा लेता है। हम बार-बार यह कह रहे हैं। 50% भ्रष्टाचार होता है, लेकिन इस सरकार ने ये गैप भी तोड़ दिया है। इसपर सील लगाने का काम चीफ सेक्रेटरी ने किया है। यह पूरी जानकारी पीएमओ में भी है और यह पूरी जानकारी CM को भी है। इसका मतलब यह है कि जो कलेक्टर आता है उसे पता है कि वह चोरी करने के लिए जिले में आता है, उसे CM भेजता है उसको पैसे से ही पोस्टिंग मिलती है। ऐसा कार्यालय है क्या जहां रिश्वत नहीं ली जाती तहसीलदार हो पटवारी हो अलग-अलग गांव में कर्मचारी हर जगह करप्शन है। ग्वालियर की भी बात करें तो पूरी संभाग की बात करें तो कोई ऐसा कार्यालय है क्या जहां रिश्वत नहीं ली जाती है। मैं पत्रकारों को भी चुनौती देता हूं वह मुझे बताएं। चीफ सेक्रेटरी ने चस्पा किया है कि हमारे कलेक्टर चोर हैं और उसका असर जनता पर हो रहा है, गरीब किसानों पर हो रहा है, पत्रकारों पर भी हो रहा है। जब यह प्रशासनिक अराजकता आ गई है। करप्शन है चीफ सेक्रेटरी स्वीकार कर रहे हैं तो मुख्यमंत्री को पद पर रहने का अधिकार नहीं है। कहा यह आउटसोर्स की ही सरकार है ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती बन्द करने से जुड़े सवाल पर कहा- स्वाभाविक है की आउटसोर्स व्यवस्था चालू ही क्यों की गई थी? क्योंकि आप नियमित नौकरी नहीं देना चाहते थे। क्योंकि आप सारे पद ईमानदारी से नहीं भर रहे थे। भारतीय जनता पार्टी पूरी सरकार आउटसोर्स पर चलना चाहती है, मंत्रालय आउटसोर्स पर चलना चाहती है। स्वास्थ्य विभाग आउटसोर्स पर जा चुका है यह आउटसोर्स की ही सरकार है लेकिन जिन कर्मचारियों ने सालों काम किया है उनके भविष्य का क्या होगा। यह सरकार असंवेदनशील है उनको किसी की संवेदनाओं से कोई फर्क नहीं पड़ता है।