इस अवसर पर जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के प्रथम शिष्य श्री गौतम गणधर स्वामी की निर्वाण भूमि श्री गुणावां जी दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र के साथ ही स्थानीय दिगम्बर जैन मंदिर में जैन समाज के लोगों ने दैनिक अभिषेक, शांति धारा व पूजन आदि के पश्चात क्षमावाणी पूजन किया एवं विगत में हुये भूलों के लिए सर्वप्रथम जिनेंद्र प्रभु से क्षमायाचना की। तत्पश्चात समाज के लोगों ने अपने सभी प्रत्यक्ष व परोक्ष भूलों के लिए एक दूसरे से क्षमायाचना की।
क्षमावाणी पर्व के दौरान क्षमायाचना करने वालों में जैन समाज के प्रतिनिधियों में शामिल सुषमा जैन, दीपक जैन, लक्ष्मी जैन, विनोद जैन गर्ग, विमल जैन गर्ग, मनोज कुमार जैन, अभिषेक जैन, श्रद्धा जैन, श्रुति जैन, श्रेया जैन, खुशबू जैन,सुलोचना जैन, अशोक कुमार जैन, अभय बड़जात्या, उदय बड़जात्या, विजय छाबड़ा, चंदा बड़जात्या, सुनीता बड़जात्या, निर्भय बड़जात्या, पदम काला, प्रेमलता जैन, विकास काला, मिंटू जैन, नीतू काला, वीणा काला, रीता सेठी सहित जैन समाज से जुड़े कई अन्य प्रतिनिधिगण शामिल थे।
