पंचकूला में पर्ल ग्रुप की जमीन से जुड़े रजिस्ट्री घोटाले में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के डीआरओ (DRO) जोगिंद्र शर्मा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रायपुररानी के तहसीलदार विक्रम सिंगला की गिरफ्तारी के बाद अब वे एसीबी (ACB) की रडार पर हैं। जोगिंद्र शर्मा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत मांगी है। उनकी याचिका पर 11 फरवरी को एडीजे बिक्रमजीत अरोड़ा की कोर्ट में सुनवाई होगी। पंचकूला के रायपुररानी तहसील के तहसीलदार विक्रम सिंगला की गिरफ्तारी के बाद से DRO जोगिंद्र शर्मा छुट्टी पर चल रहे हैं। ACB की जांच में सामने आया है कि जिस नवीन के नाम पर पर्ल ग्रुप से जड़ी रजिस्ट्री हुई है, वो उनका रिश्ते में भाई है। एसीबी के सूत्रों के अनुसार यह मामला बेनामी संपति से जुड़ा भी हो सकता है। हांसी के बडाला गांव निवासी नवीन की गिरफ्तारी के लिए भी ACB प्रयास कर रही है। क्योंकि नवीन ने यह जमीन आगे भी रजिस्ट्री होने के एक माह बाद ही बेच दी थी। 4 नई रजिस्ट्री भी आई सामने
पंचकूला ACB की टीम ने तहसीलदार विक्रम सिंगला का रिमांड पूरा होने के बाद उनसे जुड़ी दूसरी रजिस्ट्रियों को खंगाला तो 4 ऐसी रजिस्ट्री सामने आई हैं, जो पर्ल ग्रुप की जमीन से जुड़ी हैं। दो रजिस्ट्री 16-16 व दो रजिस्ट्री एक-एक एकड़ जमीन से जुड़ी हैं। इन जमीनों के रिकॉर्ड को एसीबी के द्वारा निरीक्षण किया रहा है। तहसीलदार को फिर रिमांड पर ले सकती है ACB पर्ल ग्रुप से जुड़ी 4 नई रजिस्ट्री सामने आने के बाद तहसीलदार विक्रम सिंगला को एसीबी फिर से रिमांड पर ले सकती है। चारों रजिस्ट्री में पूछताछ के लिए खरीददारों को भी बुलाया जाएगा। हालांकि अभी शुरूआत केस में पेंडिंग गिरफ्तारियों पर एसीबी फोकस कर रही है।
पंचकूला रजिस्ट्री घोटाला- DRO जोगिंद्र ACB के रडार पर:कोर्ट से मांगी अग्रिम जमानत; रिश्ते में भाई के नाम हुई पर्ल ग्रुप की जमीन
