पलवल: कन्या भ्रूण हत्या रोकने को शुरू हुआ अभियान

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अधिकारियों ने बताया कि 2015 से 2019 तक जिले में लिंगानुपात में सुधार देखने को मिला था, लेकिन अब यह फिर से गिरने लगा है। कन्या भ्रूण हत्या जैसी प्रवृत्तियां इसका मुख्य कारण हैं। ऐसे में इस सामाजिक कुरीति को रोकने के लिए हर स्तर पर प्रयास करने होंगे। अभियान के दौरान 26 सितंबर तक गांव-गांव जाकर सेमिनार और जागरूकता सभाएं होंगी। महिलाओं और युवतियों के साथ-साथ पुरुषों को भी इस विषय पर संवेदनशील बनाया जाएगा। आशा वर्कर्स ने सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम जनता से अपील की कि वे इस अभियान से जुड़कर कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ आवाज बुलंद करें। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और बेटियों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा हो।