द बलोचिस्तान पोस्ट की खबर में यह जानकारी दी गई पर वह स्वतंत्र रूप से इन रिपोर्टों की पुष्टि नहीं कर सका। पाकिस्तान की सैन्य मीडिया शाखा आईएसपीआर या किसी भी बलोच सशस्त्र समूह ने कोई आधिकारिक बयान भी जारी नहीं किया। पाकिस्तानी अधिकारी लंबे समय से इस दावे को खारिज करते रहे हैं कि बलोचिस्तान में लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया जाता है।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि लड़ाकू विमानों के उपयोग की पुष्टि हो जाती है तो इससे यह संकेत मिलेगा कि इस्लामाबाद अब संघर्ष को एक पारंपरिक युद्ध के रूप में देखता है, भले ही वह इसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार न करे।
