गायत्री शक्ति पीठ ब्रह्मपुरी की गायत्री कचोलिया, गायत्री तोमर एवं महेंद्र कुमार ने वैदिक मंत्रोच्चारण एवं वैदिक विधि से यज्ञ सम्पन्न कराया। इस अवसर पर महेंद्र कुमार ने कहा कि पितृ गणों को केवल श्राद्ध पक्ष के पंद्रह दिन ही भोजन देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जिस तरह हम प्रतिदिन भोजन ग्रहण करते हैं, उसी तरह पितृ गणों को भी प्रतिदिन अग्निहोत्र के माध्यम से भोजन करवाना चाहिए। तभी उनका पूरा आशीर्वाद मिलेगा।
वहीं हेमंत चतुर्वेदी ने शारदीय नवरात्र में गायत्री मंत्र की साधना करने के लिए आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्र में गायत्री मंत्र जाप करने से तीनों देवता, तीनों शक्ति, नौ ग्रह, 27 नक्षत्र अनुकूल होते हैं और त्रिदोष शांत रहते हैं।
श्रद्धालुओं ने ज्ञात-अज्ञात पितृगणों की शांति के लिए काले तिल, जौ और चावल की विशेष आहुतियां अर्पित कीं। यज्ञ के अंत में सभी को पौधा लगाने का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं को युग निर्माण सत्संकल्प पत्र और गायत्री चालीसा भी निशुल्क प्रदान की गई।
