मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज बात रीवा के उस चर्चित सर्किट हाउस कांड की जिसने प्रदेश की राजनीति और समाज में भूचाल ला दिया था। यह एक ऐसी घटना थी जिसने तथाकथित धर्मगुरुओं के चोले के पीछे छिपे स्याह सच और रसूखदारों की ताकत के भयावह गठजोड़ को उजागर किया था। साधु के वेश में बैठे एक दरिंदे और उसके हिस्ट्रीशीटर साथियों ने एक नाबालिग लड़की की अस्मत को तार-तार किया। बाबा ने उसे आशीर्वाद देने के बहाने बुलाया था। आखिर क्या था पूरा मामला ? उस दिन रीवा के सर्किट हाउस में क्या हुआ था? एक मशहूर कथावाचक के प्रवचन सुनने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ती थी, वह VIP गेस्ट हाउस में हिस्ट्रीशीटर बदमाशों की शराब पार्टी में क्या कर रहा था? पढ़िए…मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स का पार्ट-1 28 मार्च 2022: बदहवास हालत में सड़क पर दौड़ती लड़की
रीवा में रात के करीब 11 बज रहे थे। शहर की सड़कें धीरे-धीरे सुनसान हो रही थीं। अंकित बघेल अपने दोस्त सौरभ के साथ कॉलेज चौराहे से पुराने बस स्टैंड की तरफ जा रहे थे। तभी उनकी नजर एक लड़की पर पड़ी, जो बदहवास हालत में एक कार के आगे दौड़ रही थी। उसके पीछे एक सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी चल रही थी, जैसे कोई उसका पीछा कर रहा हो। लड़की के हाथ में एक बैग था, उसके बाल बिखरे हुए थे, कपड़े अस्त-व्यस्त थे और चेहरे पर खौफ साफ नजर आ रहा था। वह घबराई हुई, बस भागे जा रही थी। महाराजा होटल के पास पहुंचकर लड़की ने अंकित और सौरभ को देखा और मदद के लिए उन्हें रोका। उसकी सांसें फूली हुई थीं और वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही थी। लड़की की कहानी सुनकर हर किसी के होश उड़े
उसकी हालत देखकर अंकित समझ गया कि मामला गंभीर है। देर रात बस मिलने की कोई उम्मीद नहीं थी और लड़की को अकेला छोड़ना किसी अनहोनी को दावत देने जैसा था। अंकित ने उसे अपनी बाइक पर बैठाया और सीधे सिविल लाइन थाने ले गया। थाने पहुंचकर भी लड़की का डर कम नहीं हुआ। वह इतनी सहमी हुई थी कि पुलिस के सामने भी कुछ बोल नहीं पा रही थी। पुलिस ने उसे पानी पिलाया और शांत कराने की कोशिश की, लेकिन उस रात वह कुछ भी बताने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। अगले दिन, जब उसके घरवाले थाने पहुंचे और पुलिस ने उसे पूरी सुरक्षा का यकीन दिलाया, तब जाकर उसने जो कहानी सुनाई, उसे सुनकर वहां मौजूद हर शख्स के होश उड़ गए। लड़की ने पुलिस को बताया कि शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले सर्किट हाउस में कुछ लोगों ने मिलकर उसे जबरदस्ती शराब पिलाई और फिर उसके साथ सामूहिक रेप किया। जब उसने आरोपियों के नाम बताए, तो एफआईआर लिखने बैठे पुलिस वालों के भी हाथ कांप गए। लड़की ने एक ऐसे मशहूर कथावाचक संत पर रेप का आरोप लगाया था, जिसके स्वागत में पूरा शहर पलकें बिछाए बैठा था। साजिश का ताना-बाना: कैसे फंसी काजल?
28 मार्च, सुबह 10 बजे। काजल (बदला हुआ नाम), एक साधारण परिवार की लड़की, जिसका सपना पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ा होना था। उस दिन वह अपनी कॉलेज की फीस जमा करने के लिए घर से निकली थी। लेकिन कॉलेज की लिस्ट में उसका नाम न होने की वजह से उसकी फीस जमा नहीं हो पा रही थी। वह परेशान थी, तभी उसके फोन की घंटी बजी। फोन पर था विनोद पांडे, शहर का एक जाना-माना नाम, जिसे लोग ‘दादा’ कहकर बुलाते थे। विनोद एक हिस्ट्रीशीटर था, लेकिन उसका रसूख ऐसा था कि उसके कई नेताओं और अधिकारियों से संबंध थे। विनोद, काजल का परिचित था। उसने फोन पर बड़े अपनेपन से पूछा, “काजल, कहां हो? कॉलेज का कोई काम बाकी है क्या?” काजल ने अपनी समस्या बताई। काम पूरा करने का दिया भरोसा
विनोद के आश्वासन पर काजल दोपहर करीब 12 बजे रीवा पहुंच गई। यहां पहुंचते ही विनोद ने उसे फिर फोन किया और सैनिक स्कूल की तरफ बुलाया। काजल ने वहां जाने से मना कर दिया और कहा कि वह कॉलेज जा रही है। कॉलेज पहुंचकर उसने फिर से फीस जमा करने की कोशिश की, लेकिन उसका नाम लिस्ट में नहीं मिला। निराश होकर वह करीब तीन बजे तक कॉलेज में ही बैठी रही। इसी दौरान विनोद का फिर फोन आया। इस बार उसकी आवाज में और भी ज्यादा भरोसा था। “तुम्हारा काम हो गया है। तुम सैनिक स्कूल के पास आ जाओ। यहीं साथ में खाना खाते हैं, फिर कॉलेज चलकर बस औपचारिकता पूरी कर देंगे। सर्किट हाउस का वो कमरा जहां कैद हुई अस्मत
सर्किट हाउस, हर शहर की वह सरकारी इमारत होती है, जहां VVIP मेहमानों, मंत्रियों और बड़े अधिकारियों को ठहराया जाता है। यहां की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होती है और परिंदा भी पर नहीं मार सकता। विनोद के भरोसे और सर्किट हाउस जैसी सुरक्षित जगह का नाम सुनकर काजल ऑटो से सैनिक स्कूल के पास पहुंच गई। शाम के करीब चार बज रहे थे। वहां पहुंचकर काजल ने विनोद को बताया कि उसके पास ऑटो वाले को देने के लिए पैसे नहीं हैं, सिर्फ फीस के पैसे हैं। विनोद ने कहा, ‘तुम वहीं रुको, मैं एक लड़के को भेज रहा हूं, वही किराया दे देगा।’ कुछ ही देर में एक सफेद कार वहां आई। कार से एक लड़का उतरा, उसने ऑटो वाले को सौ रुपए दिए और काजल को कार में बैठने को कहा। कमरे में संत ने जो कहा उसने काजल को हैरान कर दिया
काजल कुछ समझ पाती, इससे पहले ही उसे कार से उतारकर सर्किट हाउस की दूसरी मंजिल पर एक कमरे में ले जाया गया। कमरे में विनोद पांडे पहले से ही मौजूद था। काजल को घबराया हुआ देखकर उसने कहा, “डरो मत, यह प्रशासनिक जगह है। यहां कोई खतरा नहीं है। बस थोड़ी देर में एक बहुत बड़े संत आने वाले हैं, उनसे मिल लो, आशीर्वाद ले लो, फिर हम कॉलेज चलेंगे।” करीब आधे घंटे बाद, लाल धोती-कुर्ता पहने, लंबे बालों वाला एक व्यक्ति कमरे में दाखिल हुआ। उसके साथ एक और युवक था, जिसे विनोद ने उसका ‘चेला’ बताया। विनोद ने परिचय कराते हुए कहा, ‘यही हैं वह मशहूर संत, जिनकी मैं बात कर रहा था। यह हमारे साथ खाते-पीते हैं, बिल्कुल दोस्तों की तरह रहते हैं।’ विनोद बोला- आशीर्वाद मिल गया तो जिंदगी संवर जाएगी
यह सुनते ही काजल बुरी तरह घबरा गई। उसने वहां से जाने की बात कही, लेकिन विनोद ने उसे रोक लिया। उसका लहजा अब बदल चुका था। उसने कहा, “अब इस वक्त कहां जाओगी? रात हो रही है। संत महाराज को खुश कर दो, इनका आशीर्वाद मिल गया तो तुम्हारी जिंदगी संवर जाएगी। बड़े लोगों में इनका उठना-बैठना है, करोड़ों के मालिक हैं।” कुछ ही देर में मोनू नाम का वही लड़का, जो काजल को कार से लाया था, शराब की बोतलें लेकर कमरे में आ गया। विनोद ने उसे चखना लाने के लिए भेजा। इसके बाद सर्किट हाउस के उस VIP कमरे में शुरू हुआ वो गंदा खेल, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। कमरे में विनोद, मोनू, संत और उसका चेला धीरेंद्र, सभी शराब पीने लगे। कमरे में गांजे की भी पूरी व्यवस्था थी। संत का चोला ओढ़े वह कथावाचक भी शराब और गांजे के नशे में डूबने लगा और धुएं के छल्ले उड़ाने लगा। कमरे का माहौल देखकर काजल बुरी तरह डर गई। वह बार-बार घर जाने की जिद करती रही, लेकिन उन चारों ने उसे जाने नहीं दिया। युवती को जबरदस्ती शराब पिलाई
फिर वह काजल की तरफ मुड़ा और बोला, “कुछ खा-पी लो, आराम से बैठो। यह सब नॉर्मल है, चलता रहता है।” विनोद ने चाऊमीन और मंचूरियन मंगवाया और उसे खिलाने लगा। काजल को अनहोनी का डर सता रहा था। उसने हिम्मत करके चुपके से अपने मोबाइल से वहां का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। संत ने उसे देख लिया और उसका फोन छीन लिया। तभी काजल की बहन का फोन आया। विनोद ने फोन छीनकर काजल के कान पर लगाया और जबरदस्ती कहलवाया कि वह बताए कि काम नहीं हुआ है और वह रात में घर नहीं आएगी, अपनी दोस्त के हॉस्टल में रुकेगी। डर के मारे काजल ने वही कहा, जो उसे कहने के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद हैवानियत की सारी हदें पार हो गईं। विनोद ने जबरदस्ती काजल को शराब पिलाई। दरिंदगी की रात और एक लड़की की चीखें
अब कमरे में सिर्फ काजल और वह दरिंदा संत अकेले थे। संत ने कमरे की लाइट बंद कर दी और काजल का हाथ पकड़कर उसे जबरदस्ती बिस्तर पर खींच लिया। जब काजल चिल्लाई, तो उसने उसका मुंह दबा दिया और कहा, “फीलिंग्स समझो, जबरदस्ती की कोई बात नहीं है।” वह फिर चिल्लाई, तो संत ने धमकी दी, “अब तो जबरदस्ती करनी ही पड़ेगी।” इसके बाद उस हैवान ने काजल के साथ रेप किया। काजल रोती रही, गिड़गिड़ाती रही, लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं था। रेप के बाद संत ने उसे धमकाया, “मेरी पहुंच बहुत ऊपर तक है। मेरे संबंध बड़े-बड़े महंतों, विधायकों और मंत्रियों से हैं। अगर किसी को कुछ भी बताया, तो तेरे पूरे परिवार को खत्म करवा दूंगा।” इसके बाद संत ने काजल के फोन से विनोद और अपने चेले को कॉल किया। उन्होंने बाहर से दरवाजा खोला और सभी अंदर आ गए। वे उसे जबरदस्ती नीचे ले गए, जहां खाने की व्यवस्था थी। संत उसे जबरदस्ती सलाद खिलाने लगा, जैसे कुछ हुआ ही न हो। विनोद कह रहा था, “यह तो संत महाराज की कृपा है, वह इतने प्यार से किसी को नहीं खिलाते।” हिम्मत, फरारी और इंसाफ की लड़ाई
कार में बैठने के बाद काजल ने हिम्मत जुटाई। उसने रास्ते में कार रुकवाई और उतरकर भागने लगी। महाराजा होटल के पास उसे अंकित सिंह बघेल और उसका दोस्त आते दिखे। वह बुरी तरह घबराई हुई थी और उसने बताया कि कार वाला उसका पीछा कर रहा है। दोनों उसे सीधे सिविल लाइन थाने ले गए। उधर, लड़की के भागने और थाने पहुंचने की खबर जैसे ही आरोपियों को मिली, सर्किट हाउस में हड़कंप मच गया। संत अपने चेले के साथ तुरंत सर्किट हाउस से फरार हो गया। विनोद और उसके साथी भी वहां से रफूचक्कर हो गए। अगले दिन जब काजल ने एफआईआर दर्ज कराई, तो यह मामला पूरे शहर में आग की तरह फैल गया। राजनिवास में हुए इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। पुलिस तुरंत हरकत में आई और शहर से बाहर निकलने वाले सभी रास्तों पर नाकेबंदी कर दी। हर आने-जाने वाली गाड़ी की तलाशी ली जाने लगी, लेकिन संत और उसके साथियों का कोई सुराग नहीं लगा। मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पार्ट-2 में पढ़िए… ये क्राइम फाइल्स भी पढ़ें… पार्ट-1: बीच सड़क पर बेवफा पत्नी और उसके प्रेमी का कत्ल मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज बात एक ऐसे डबल मर्डर की जिसने राजधानी भोपाल को दहला दिया था। ये वारदात 18 जुलाई 2022 को हुई थी। एक 6 साल की मासूम बच्ची के सामने, बीच सड़क पर उसके माता-पिता पर तीन लोगों ने चाकुओं और डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पूरी खबर पढ़ें… पार्ट-2: एक महिला, तीन पति…फिर चौथे शख्स की एंट्री मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पहले पार्ट में आपने पढ़ा कि 18 जुलाई 2022 को भोपाल के अशोका गार्डन इलाके में एक महिला और उसके प्रेमी की सड़क पर बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमला करने वाला महिला का दूसरा पति सुनील, उसका भाई और साला थे। सुनील ने 6 साल की बेटी की आंखों के सामने ही दोनों की हत्या कर दी। पूरी खबर पढ़ें…
आशीर्वाद के बहाने सर्किट हाउस में गैंगरेप:कथित संत की करतूत से उड़े पुलिस के होश, आधी रात को सड़कों पर दौड़ी थी युवती
