इस अवसर पर उपायुक्त ने राजस्व संग्रहण को सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कार्य करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि विभागीय समन्वय स्थापित कर राजस्व वृद्धि के लिए ठोस कार्य करें। लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन, नियमित मॉनिटरिंग और मासिक समीक्षा से कार्य की प्रगति सुनिश्चित की जा सकती है। भजंत्री ने कहा कि समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई से जिला स्तर पर आंतरिक संसाधन मजबूत होंगे तो विकास कार्यों को गति मिलेगी।
बैठक में परिवहन, राज्यकर, खनन, मत्स्य, बाजार समिति, निबंधन, उत्पाद एवं नीलाम पत्र जैसे राजस्व स्रोतों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे।
