झज्जर : अधिकारियों का व्यवहार ही सरकार का असली चेहरा : उपायुक्त

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उपायुक्त ने विभागाध्यक्षों को नवाचार व बेस्ट प्रैक्टिस को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने कार्यक्षेत्र में ऐसे इनोवेटिव आइडिया लागू करे, जिनसे लोगों तक योजनाओं की जानकारी व लाभ सरलता से पहुंच सके। साथ ही, अधिकारियों को अपने स्टाफ सदस्यों को भी इसी सोच के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा।

उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन की सख्त मॉनिटरिंग की जा रही है और यह सभी की जिम्मेदारी है कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे फील्ड में रहते हुए जनता के साथ बेहतर व्यवहार करें, क्योंकि अधिकारी ही सरकार का वास्तविक चेहरा होते हैं और उनके व्यवहार से ही शासन की छवि बनती है। बैठक में उपायुक्त ने विभागाध्यक्षों को यह भी निर्देश दिए कि न्यायालयों में लंबित मामलों की गंभीरता से पैरवी की जाए। उन्होंने कहा कि कानूनी मामलों में अनावश्यक देरी से न केवल आमजन प्रभावित होता है, बल्कि विभागीय संसाधनों का ह्रास होता है। मीटिंग में झज्जर के एसडीएम अंकित कुमार चौकसे, बहादुरगढ़ के एसडीएम नसीब कुमार, बेरी की एसडीएम रेणुका नांदल, डीएमसी डॉ. सुशील कुमार, डीसीपी अमित दहिया, डीआरओ मनबीर सिंह, डीडीपीओ निशा तंवर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।