हिसार में नर्सिंग छात्राएं 3 दिन से टैंट में बैठीं:बोलीं- कॉलेज संचालक शराब पीकर हॉस्टल में घुसता है, कर्मचारी बाथरूम में झांकते हैं

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हरियाणा में हांसी जिले के नारनौंद स्थित खुशी कॉलेज ऑफ नर्सिंग कागसर में अनियमितताओं और उत्पीड़न के विरोध में नर्सिंग छात्राएं धरना दे रही हैं। शनिवार रात को वे 5 डिग्री तापमान में खुले आसमान के तले बैठी रहीं। रविवार को तीसरे दिन भी उनका धरना जारी है। कड़कड़ाती ठंड में छात्राएं अपने हक के लिए शुक्रवार दोपहर से विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। शनिवार रात को प्रशासनिक अधिकारी छात्राओं से बातचीत करने पहुंचे और धरना समाप्त करने की अपील की, लेकिन छात्राएं नहीं मानीं। छात्राओं का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वह नहीं उठेंगी। उन्होंने कहा है कि कॉलेज संचालक शराब पीकर हॉस्टल में घुसता है और गलत हरकतें करता है। वहीं, काम करने आए कर्मी बाथरूमों में झांकते हैं, क्योंकि बाथरूम में ठीक से दरवाजे नहीं हैं। छात्राओं के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा आज उनके समर्थन में पहुंच रही हैं। सैलजा ने इसे लेकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट भी किया। इसे देखते हुए हुड्‌डा गुट के विधायक जस्सी पेटवाड़ धरने पर पहले पहुंच रहे हैं। छात्राओं के धरने के PHOTOS… धरने पर भारी पुलिस बल तैनात
धरना स्थल पर लगातार भारी पुलिस बल तैनात है। रात को इसमें डीएसपी देवेंद्र नैन, थाना प्रभारी रमेश कुमार, बास थाना प्रभारी बलवान सिंह सहित 2 महिला इंस्पेक्टर मौजूद रहीं। छात्राओं का कहना है कि पहले भी उन्हें कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन हर बार मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब वे केवल लिखित आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और प्रत्यक्ष कार्रवाई चाहती हैं। CM ने जांच कमेटी गठित की
18 दिसंबर को छात्राएं चंडीगढ़ में CM नायब सैनी के ऑफिस पहुंचीं। वहां छात्राओं ने अपनी पूरी समस्या बताई। इसके बाद CM सैनी ने एक जांच कमेटी का गठन किया। यह कमेटी शनिवार को जांच के लिए कॉलेज पहुंची। कमेटी में शामिल सदस्यों ने छात्राओं को कार्रवाई का आश्वासन दिया और धरना खत्म करने की अपील की, लेकिन छात्राओं ने कार्रवाई पर जोर देते हुए धरना खत्म करने से इनकार कर दिया। धरने पर बैठकर विरोध करने की ये वजहें… बाथरूम में नल नहीं, दरवाजों पर कुंडी तक नहीं
इन छात्राओं ने 11 दिसंबर को हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया से कहा कि नर्सिंग कॉलेज के हॉस्टल में बुनियादी सुविधा तक नहीं है। यहां बाथरूम में न नल हैं, न दरवाजे पर कुंडी। उन्होंने कहा कि हॉस्टल की दीवारों पर रंग-रोगन का काम चल रहा है और वहीं से काम कर रहे लोगों को सीधे बाथरूम अंदर तक दिखाई दे रहा है। यह छात्राओं की गोपनीयता और सुरक्षा दोनों के साथ खिलवाड़ है। इसके बाद महिला आयोग चेयरपर्सन ने 12 दिसंबर को छात्राओं और कॉलेज प्रबंधन को हिसार ऑफिस में बुलाया। वहां दोनों को आमने-सामने बैठाकर बात की गई। इस दौरान कॉलेज प्रबंधन ने अपने तर्क दिए। चेयरमैन बोला- मैंने नियम सख्त किए, इससे दिक्कत
कॉलेज चेयरमैन जगदीश गोस्वामी का कहना था कि वह पिछले 25 सालों से कॉलेज चला रहे हैं और एक दाग भी कॉलेज और उन पर नहीं है। उन्होंने कहा- कॉलेज में मैंने नियम सख्त किए हैं, असली दिक्कत छात्राओं को उनसे हो रही है। चेयरमैन ने कहा- नई वार्डन आने के बाद सुबह 6 बजे से छात्राओं को उठाकर योग करवाया जाता है। यहां तक की छात्राओं के पर्सनल पार्सल पर भी रोक लगा दी है। असली दिक्कत यहीं से शुरू हुई है। हमारा कॉलेज हरियाणा का पहला ऐसा नर्सिंग कॉलेज है, जो इवनिंग एक्स्ट्रा क्लासेज देता है।