प्रति-कुलपति प्रो. मयंक कुमार अग्रवाल ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए पर्यावरण संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। स्वच्छ और हरित पर्यावरण से ही मानव जीवन स्वस्थ, संतुलित और सुरक्षित रह सकता है। प्रकृति की सुरक्षा ही हमारे जीवन की सुरक्षा है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
प्राच्य विद्या संकाय की अध्यक्ष प्रो. साध्वी देवप्रिया ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में सेवा भावना को विकसित करती है। स्वयंसेवकों को अपने व्यवहार और कार्यों से समाज के सामने प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. वैशाली गौड़ ने कहा कि एनएसएस स्वयंसेवकों को समाज के प्रति उत्तरदायी बनना चाहिए। उन्हें अपने दैनिक जीवन और सामाजिक व्यवहार में अनुशासन, सेवा भाव तथा आत्मनियंत्रण अपनाना चाहिए। कार्यक्रम के सफल संचालन में स्वयंसेवक आहना, हर्षित, महीमा, केशव, रवि, विश्वास का विशेष योगदान रहा।
