हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के नॉमिनेटेड मेंबर बलजीत सिंह दादूवाल ने कमेटी के कामकाज पर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा कि कमेटी हरियाणा के सिखों के हक के लिए बनी है। लेकिन कुछ राजनीतिक लोग इसमें दखल देकर सिस्टम को खराब कर रहे हैं। दादूवाल पिहोवा के गुरुद्वारा साहिब में देर शाम हुई मासिक मीटिंग में बोल रहे थे। दादूवाल ने कहा कि गुरबाणी की कथा और धर्म प्रचार के लिए इलाके में काम किया जा रहा है। हरियाणा कमेटी गुरुद्वारा एक्ट के तहत हरियाणा सरकार ने बनाई थी। मैं इसका मेंबर और एग्जीक्यूटिव मेंबर हूं। मुझे सर्वसम्मति से मुख्य सेवाधार बनाया गया था। मैंने चुनाव कराए और चुनाव के बाद अब 40 मेंबर्स का हाउस काम कर रहा है। राजनीतिक लालसा पूरी करने आए दादूवाल ने कहा कि कुछ लोग अपनी राजनीतिक लालसा पूरी करने के लिए पहले हरियाणा कमेटी में लड़ते हैं और फिर MLA या MP बनने की कोशिश करते हैं। इससे सिस्टम में गड़बड़ी आती है। उन्होंने आरोप लगाया कमेटी के प्रधान ने डिक्टेटरशिप जैसी स्थिति बना ली है। प्रधान कहता है कि मैंने गुरूघरों के गोलक के खजाने की चाबी पकड़ ली है। बस मैं अपनी मर्जी से सारे काम करूं। बाकी मेंबर्स की कोई जरूरत नहीं है। सिस्टम खराब कर दिया उन्होंने कहा कि सरपंच, चेयरमैन और राजनीतिक पार्टियों के लोग कमेटी में आ गए, जो इस फील्ड के नहीं है। इससे सिस्टम खराब हो गया। वे राजनीतिक फील्ड के थे। उन्होंने सरपंची लड़ी, चेयरमैनी लड़ी, पार्टियों के प्रधान बने और फिर गुरुद्वारा कमेटी के प्रबंधन में आए। उन्होंने आकर पूरे सिस्टम को खराब कर दिया। अच्छे मेंबर्स हैं, जो फील्ड के हैं, उनकी सुनवाई नहीं हो रही। कमेटी के पैसे का मिसयूज दादूवाल ने आरोप लगाया कि कुछ लोग कमेटी की गाड़ियां का अपने लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। संगठन, धर्म प्रचार और कमेटी के नाम पर धन इकट्ठा कर रहे हैं। यह सिस्टम की दुर्व्यवस्था है। अच्छे मेंबर्स को भी आजादी मिलनी चाहिए। सिख समुदाय कमेटी में काम के लिए पारदर्शिता की मांग करता है। कमेटी को हरियाणा के गुरुद्वारों की सेवा और प्रबंध पर फोकस करना चाहिए, न कि राजनीति में।
HSGMC प्रधान पर नॉमिनेटेड मेंबर का जुबानी हमला:दादूवाल बोले-प्रधान की डिक्टेटरशिप जैसी कंडीशन, मेंबर्स का साथ नहीं, मनमर्जी से कर रहे काम
