पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने आसाराम बापू और उनके बेटे नारायण साई के खिलाफ कई हाई-प्रोफाइल यौन उत्पीड़न और बलात्कार मामलों में एक प्रमुख अभियोजन गवाह द्वारा दायर याचिका पर हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है। वह हरियाणा गवाह संरक्षण योजना के तहत लाभ की मांग कर रहा था। मामले को अपने हाथ में लेते हुए जस्टिस जगमोहन बंसल ने अगली सुनवाई की तारीख 13 अगस्त तय की। गवाह’ ने 10 सितंबर, 2025 के उस आदेश को रद्द करने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसके तहत पानीपत जिला स्तरीय सक्षम प्राधिकारी ने सुरक्षा योजना के तहत उपलब्ध लाभों को बढ़ाने के उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था। गवाह ने लगाए कई आरोप अन्य बातों के अलावा, ‘गवाह’ ने आरोप लगाया कि उस पर बार-बार जानलेवा हमले किए गए, जिनमें 13 मई, 2015 को हुआ एक गोलीबारी का हमला भी शामिल है। न्यायमूर्ति बंसल की पीठ को बताया गया कि इस घटना में उसे 41 प्रतिशत स्थायी विकलांगता हुई और इस संबंध में एक एफआईआर भी दर्ज की गई। उनके वकील ने आगे कहा कि याचिकाकर्ता ने अधिकारियों के समक्ष सुरक्षा की मांग करते हुए कई अभ्यावेदन दाखिल किए थे। सरकार ने मांगा समय गवाह की ओर से कहा गया, उनका आवेदन प्रतिवादी प्राधिकरण के समक्ष विचार के लिए आया, जिसने विवादित आदेश के माध्यम से “वित्तीय सहायता और सुरक्षा प्रदान करने के उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया। सुनवाई के दौरान, हरियाणा की ओर से पेश हुए विधि अधिकारी ने राज्य की ओर से नोटिस स्वीकार किया और निर्देश लेने तथा जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा।
आसाराम बापू हाई-प्रोफाइल केस में गवाह को नहीं सुरक्षा:हाईकोर्ट का नोटिस जारी, मारने की मिली धमकी; 41% स्थायी विकलांगता
