₹1 करोड़ की साइबर ठगी मे बैंकर को जमानत नहीं:पानीपत में 11 घंटे रखा था डिजिटल अरेस्ट; कोर्ट बोला- ये समाज के लिए संभावित खतरा

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पानीपत में साइबर ठगी की एक बड़ी वारदात में शामिल आरोपी बैंक अधिकारी को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। पानीपत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ASJ) अंबरदीप सिंह की कोर्ट ने आरोपी टीपू सुल्तान की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि आरोपी समाज के लिए एक संभावित खतरा है और उसे राहत देने से मामले की जांच प्रभावित हो सकती है। आरोपी को अभी जेल में ही रहना होगा। 11 घंटे का ‘डिजिटल अरेस्ट’ और 1 करोड़ की ठगी
अभियोजन पक्ष के अनुसार, शिकायतकर्ता मुकेश कुमार गर्ग को 7 दिसंबर 2024 को एक कॉल आई, जिसमें खुद को आरबीआई (RBI) अधिकारी बताकर डराया गया कि उनके दस्तावेजों का उपयोग करके 2 करोड़ का फ्रॉड हुआ है। अगले दिन, आरोपियों ने ‘मुंबई पुलिस’ बनकर वॉट्सऐप वीडियो कॉल किया और पीड़ित को करीब 11 घंटे 37 मिनट तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ (कैद) रखा। परिवार को जान से मारने की धमकी देकर पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए। फर्जी स्टैंप बनवाने के लिए 70 रुपए का भुगतान किया
आरोपी बैंकर की भूमिका पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी टीपू सुल्तान, जो पेशे से एक बैंकर है, ने इस पूरी साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उस पर आरोप है कि उसने ठगी की रकम को खपाने के लिए मोहित कुमार नामक व्यक्ति के बैंक खाते में अनधिकृत बदलाव किए। पुलिस ने साक्ष्य पेश किए कि आरोपी ने एक फर्जी स्टैंप बनवाने के लिए अपने खाते से 70 रुपए का भुगतान किया था, जिसका उपयोग बैंक दस्तावेजों में हेराफेरी के लिए किया गया। अब पढ़िए, अदालत ने जमानत याचिका खारिज करते हुए क्या टिप्पणियां कीं… इन धाराओं के तहत दर्ज है केस
आरोपी के खिलाफ साइबर क्राइम थाना, पानीपत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2) (धोखाधड़ी), 318(4), 336(3), 351(4) (धमकी), 61(2) (साजिश) और 241 के तहत मामला दर्ज है। वह 9 जनवरी 2025 से न्यायिक हिरासत में है। ***********
ये खबर भी पढ़ें… पानीपत में रिटायर्ड बैंककर्मी से 1 करोड़ ठगे: बदमाशों ने खुद को RBI अधिकारी बताया, क्रेडिट कार्ड से घोटाला बताकर डिजिटल अरेस्ट किया साइबर ठगों ने हरियाणा के पानीपत शहर के सलारगंज बाजार निवासी 71 वर्षीय रिटायर्ड बैंक कर्मचारी को अपना शिकार बना लिया। बुजुर्ग को 11 घंटे तक डिजिटल तरीके से हिरासत में रखा गया। उन्होंने बताया कि उनके दस्तावेजों पर बने क्रेडिट कार्ड से 2 करोड़ की ठगी हुई है। जान से मारने की धमकी देकर उनसे 1 करोड़ रुपए छीन लिए। बुजुर्ग ने जब इस बारे में अपने परिचितों से बात की तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ। (पूरी खबर पढ़ें…)